भोपाल में दूषित पेयजल को लेकर बढ़ी चिंता (सोर्स- नवभारत लाइव) 
भोपाल

भोपाल में दूषित पेयजल पर बढ़ी चिंता; 19 वार्डों के पानी में फीकल कोलीफॉर्म मिलने का दावा

Contaminated Drinking Water Bhopal: 19 वार्डों के पेयजल में फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिलने से हड़कंप, 63 में से 43 नमूनों में मिले खतरनाक बैक्टीरिया, गैस पीड़ित संगठनों ने उठाए नगर निगम पर सवाल।

सजल रघुवंशी

Contaminated Water Issue In Bhopal: राजधानी भोपाल में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। गैस पीड़ित संगठनों ने दावा किया है कि शहर के 19 वार्डों में सप्लाई हो रहे पानी के नमूनों में फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाया गया है। संगठनों का कहना है कि दूषित पानी के सेवन से दस्त, उल्टी, टाइफाइड और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, इस संबंध में नगर निगम की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि सामने नहीं आई है।

63 नमूनों की जांच में 43 में फीकल कोलीफॉर्म मिलने का दावा

गैस पीड़ित संगठनों के मुताबिक, स्थानीय रहवासियों की पहल पर शहर के 30 समुदायों से पेयजल के 63 नमूने एकत्र किए गए थे। इन नमूनों की जांच में 43 सैंपलों में फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी पाई गई। संगठनों का आरोप है कि कई इलाकों में सीवेज लाइन और पेयजल पाइपलाइन एक-दूसरे को प्रभावित कर रही हैं, जिसके कारण लोगों के घरों तक दूषित पानी पहुंच रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद सुधार नहीं होने का आरोप

गैस पीड़ित संगठनों ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद प्रभावित क्षेत्रों में सीवेज और पेयजल व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया। उनका कहना है कि कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन स्थिति में कोई ठोस बदलाव नहीं आया। संगठनों का दावा है कि खराब पाइपलाइन नेटवर्क और सीवेज रिसाव के कारण कई इलाकों में पेयजल की गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है।

नगर निगम के दावों पर उठे सवाल, व्यापक जांच की मांग

एक ओर नगर निगम लगातार शहरवासियों को स्वच्छ और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का दावा करता रहा है, वहीं गैस पीड़ित संगठनों की जांच रिपोर्ट ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की घटना के बाद भोपाल में भी लोगों की चिंता बढ़ गई है।

नागरिकों और संगठनों ने मांग की है कि नगर निगम प्रभावित वार्डों में तत्काल व्यापक जांच कराए, पेयजल और सीवेज पाइपलाइन नेटवर्क का निरीक्षण करे तथा यदि कहीं दूषित जलापूर्ति की पुष्टि होती है तो बिना देरी के आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

https://youtu.be/rWC00MKTpGQ?si=tQVtwP6wl9RLm__Z

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