Balaghat Mysterious Disease Outbreak: बालाघाट के आदिवासी अंचलों में फैली बीमारी से बच्चों की मौत होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।जहा बीमारी की चपेट में आकर पहले ही कुछ बच्चे अपनी जान गवा चुके है तो वही कई बच्चे अब भी बीमारी से ग्रसित बताए गए है। महामारी प्रभावित ग्राम में एक और बच्चे की मौत हो गई। उक्त बच्चे का जिला अस्पताल में उपचार के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया था जिसकी गांव में मौत हो गई।
हालांकि बच्चे की मौत किस कारण से हुई है,फिलहाल यह स्पष्ठ नही हो पाया है।जिसकी पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चलने की बात विभाग द्बारा कही जा रही है। उधर क्षेत्र में फैली महामारी और बच्चों की मौत के बाद ना केवल स्वास्थ्य सचिव, कमिश्नर ने क्षेत्र का दौरा किया है, बल्कि, अब पूरा प्रशासनिक अमला भी वहां तैनात हो गया है। वर्तमान में अभी भी 40 के करीब बच्चे, जिला अस्पताल में भर्ती है।
बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के ग्राम कुंडेकसा, अडोरी, कोरका, बोंडारी और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी समस्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और उपचार पर तेजी से काम कर रहा है। विषैली बीमारी, खांसी, बुखार, चर्मरोग, मीजल्स, स्कैबीज और मलेरिया जैसे मामलों के सामने आने के बाद विभाग की लगातार घरेलू जांच स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं। लेकिन स्वास्थ अमला भी बीमारी से हो रही मौतों को रोक नही पा रहा है।इसी बीच जिले के बिरसा विकासखंड अंतर्गत बैगा आदिवासी अंचल, अडोरी पंचायत के उसेकलटोला निवासी बिसन धुर्वे के मासुम बेटे आकाश (3) की मंगलवार को मौत हो गई। इसे मिलाकर क्षेत्र में अब तक 21 बच्चों की मौत हो गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग, अभी भी 8 मौत ही बता रहा है।उधर पक्ष विपक्ष भी बच्चो की मौत वाले इस मामले में अलग अलग आंकड़े प्रस्तुत कर रहे है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में महामारी फैलने के बाद, आकाश को बुखार आने पर 4 अगस्त को जिला अस्पताल लाया गया था। जहां, उसके चार दिन चले उपचार के बाद 8 अगस्त को उसे छुट्टी दे दी गई थी। जिसके बाद परिजन, उसे लेकर गांव चले गए थे।बताया जाता है कि जिला अस्पताल से घर लौटने के तीन-चार दिन बाद फिर उसकी तबियत खराब हो गई थी। जिसकी मंगलवार को मौत हो गई। हालांकि अभी आकाश की मौत महामारी में फैली बीमारी से हुई है या फिर उसकी,मौत की वजह कुछ और है, यह अभी साफ नहीं है। जिसके लिए उसके शव का पीएम कराया गया है। जिसका अंतिम संस्कार बुधवार को किया गया।हलाकि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि गांव में फैली बीमारी जैसे कोई लक्षण, बच्चे में नहीं थे।
मामले को लेकर दुरभाष पर की गई चर्चा के दौरान बैहर विधायक संजय उइके ने शासन-प्रशासन पर मौत के आंकड़े छिपाने का आरोप लगाया है। विधायक ने बताया कि आकाश के इलाज में लापरवाही बरती गई है। जिम्मेदार इस संवेदनशील मामले में लगातार अपनी गलतियों और आंकड़ों को छिपाने की कोशिश में लगे हैं।
सीएमएचओ डॉ. परेश उपलप ने बताया कि मासुम के गर्दन में सूजन थी और उसकी गर्दन जन्म से ही एक तरफ झुकी हुई थी। जिसे बचपन से ही गर्दन रोग था। ऐसे मामलों में दूध या भोजन आहार नली में जाने के बजाय श्वास नली में जाने की समस्या होती है। संभावना है कि खाना या दूध श्वास नली में चले गया होगा। जिससे उसे सास लेने में समस्या या घुटन महसुस हुई होगी। जिससे उसकी मौत की संभावना है।