

Sagar District Hospital AC Problem: सागर जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल के चेस्ट आईसीयू का एयर कंडीशनर पिछले एक सप्ताह से खराब पड़ा है, जिससे यहां भर्ती गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वेंटिलेटर पर भर्ती एक मरीज के परिजनों को घर से कूलर लाकर आईसीयू में रखना पड़ा, ताकि मरीज को गर्मी और उमस से कुछ राहत मिल सके।
बुधवार देर रात करीब 2 बजे सामने आई तस्वीर ने अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। तस्वीर में देखा गया कि वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझ रहे मरीज के पास घरेलू कूलर रखा हुआ है। यह दृश्य न सिर्फ अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि गंभीर मरीजों की सुरक्षा और उपचार व्यवस्था पर भी चिंता पैदा करता है।
सूत्रों के मुताबिक, एसी खराब होने के कारण चेस्ट आईसीयू का अधिकांश हिस्सा खाली पड़ा है। केवल कुछ गंभीर मरीज ही मजबूरी में यहां भर्ती हैं, जिन्हें इसी गर्म और उमस भरे माहौल में इलाज कराया जा रहा है। चिकित्सकीय दृष्टि से आईसीयू में नियंत्रित तापमान बेहद आवश्यक माना जाता है, लेकिन यहां मरीजों को बुनियादी सुविधा तक नहीं मिल पा रही है।
गौरतलब है कि, इससे पहले भी इस समस्या को लेकर खबर सामने आई थी। उस समय सिविल सर्जन डॉ. आर.एस. जयंत के निर्देश पर एक एसी को तत्काल ठीक कराया गया था। लेकिन बताया जा रहा है कि वह एसी भी पिछले एक सप्ताह से फिर खराब पड़ा है और अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई। मरीजों के परिजनों का कहना है कि यदि अस्पताल में ऐसी ही स्थिति बनी रही तो गंभीर मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती है। उनका आरोप है कि इलाज के साथ-साथ उन्हें भीषण गर्मी से भी जूझना पड़ रहा है। फिलहाल इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर और सुरक्षित इलाज मिल पा रहा है, या फिर लापरवाही उनकी जिंदगी पर भारी पड़ रही है?