अलग-अलग रंग की ट्रेनें (सौ. फ्रीपिक) 
टूर एंड ट्रैवल

क्या आप जानते हैं? भारतीय ट्रेनों के अलग-अलग रंग का है एक खास मतलब

Meaning of Train Colours: भारत में ट्रेन से यात्रा करते समय सबसे पहले आपका ध्यान डिब्बों पर बिखरे रंगों पर जाता है। गहरे नीले और मैरून से लेकर चमकीले हरे और पीले रंग तक ये रंग यूं ही नहीं चुने गए हैं।

प्रीति शर्मा

Indian Railway Facts: भारतीय रेलवे की पटरियों पर दौड़ती अलग-अलग रंगों की ट्रेनें हमेशा से लोगों का ध्यान खींचती रही है। कभी हम नीली कोच वाली ट्रेनें तो कभी राजधानी जैसी चमचमाती लाल ट्रेनें अक्सर देखने को मिलती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय रेलवे के डिब्बों का रंग सिर्फ दिखावा नहीं है। बल्कि ये रंग ट्रेन की कोच तकनीक और उसकी उपयोगिता का संकेत देते हैं।

भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक है और यहां परिचालन को सुगम बनाने के लिए कलर कोडिंग का इस्तेमाल किया जाता है। मुख्य रूप से भारतीय ट्रेनों में तीन रंगों के कोच सबसे ज्यादा देखे जाते हैं जो कि नीला, लाल और हरा है।

नीले रंग का कोच

भारतीय ट्रेनों में सबसे ज्यादा रंग नीला देखने को मिलता है जो मुख्य रुप से स्लीपर और जनरल कोच में इस्तेमाल होता है। इससे पहले मरून रंग चलता था लेकिन आधुनिकीकरण के बाद नीले रंग को अपनाया गया। नीला रंग नॉन एसी और किफायती यात्रा का संकेत देता है। इनकी अधिकतम रफ्तार 70 से 120 किमी प्रति घंटा के बीच होती है। दुर्घटना की स्थिति में ये कोच एक-दूसरे के ऊपर चढ़ जाते हैं जो सुरक्षा के लिहाज से बहुत अच्छा नहीं माना जाता।

लाल रंग के कोच

राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों में आपने लाल रंग के डिब्बे देखे होंगे। इन्हें LHB (Linke Hofmann Busch) कोच कहा जाता है। ये स्टेनलेस स्टील से बने होते हैं और इनमें डिस्क ब्रेक तकनीक होती है। इनकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये 160 से 200 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकते हैं। सुरक्षा के मामले में ये बेहतरीन हैं क्योंकि इनमें एंटी-टेलीस्कोपिक सिस्टम होता है जिससे दुर्घटना के समय डिब्बे एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते।

हरे रंग का कोच

हरे रंग के कोच मुख्य रूप से गरीब रथ एक्सप्रेस में इस्तेमाल किए जाते हैं। इसके अलावा कुछ संकरी पटरियों पर चलने वाली ट्रेनों में भी हरा रंग देखा जाता है। यह रंग किफायती और विशेष श्रेणी की यात्रा को दर्शाता है।

अन्य रंगों का मतलब

सफेद कोच आमतौर पर हाई स्पीड या विशेष ट्रेनों के लिए किया जाता है जैसे वंदे भारत। वहीं पीली धारियों वाले नीला कोच मुख्य रुप से रिजर्व्ड या अनारक्षित श्रेणी को दर्शाता है। अगली बार जब आप स्टेशन पर हों तो ट्रेन का रंग देखकर आप खुद समझ जाएंगे कि वह ट्रेन कितनी सुरक्षित और आधुनिक है।

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