विक्टर्स वे पार्क (सौजन्य-पिनटरेस्ट) 
टूर एंड ट्रैवल

विदेशी करते है गणेश जी की इन प्रतिमाओं को नमन, भारत में नहीं बल्कि इस देश में मिलेगी ये मूर्तियां

श्रीगणेश का वर्णन हमें भारत में तो देखने को मिलता ही है, लेकिन भारत के बाहर भी किसी-न-किसी रुप में किसी वजह से श्रीगणेश का रुप में हमें दुनियाभर में देखने मिलता हैं। ऐसी ही एक जगह है भारत के बाहर जहां कोई सोच भी नहीं सकता कि श्रीगणेश के विविध रुपों के दर्शन होंगे। इसी जगह के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे है।

प्रिया जैस

नवभारत डेस्क: गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर हम आपको रोज एक नए प्रसिद्ध गणेश मंदिर के बारे में बता रहे है, जहां भक्तों को दर्शन करने जाना चाहिए। आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे है जो मंदिर तो नहीं लेकिन जहां श्री गणेश की कई प्रतिमाएं मौजूद है, जिसे देखने विदेशी लोग जाते है।

हिंदू धर्म में भगवान के रुप में पूजे जाने वाले श्री गणेश की प्रतिमाएं आपको आयरलैंड में देखने मिलेगा। विक्टर वे राउंडवुड , काउंटी विकलो, आयरलैंड के पास स्थित है। ये एक प्राइवेट बगीचे में स्थित है, जो इन मूर्तियों के लिए काफी प्रसिद्ध हैं। इस बगीचे में काले ग्रेनाइट से बनी श्री गणेश की अद्भुत और सुंदर प्रतिमाएं हैं।

पार्क में स्थित है मूर्तियां

आयरलैंड में स्थित विक्टर्स वे नाम का ये बगीचा 9 हेक्टेयर में फैला हुआ हैं, जिसमें एक छोटी-सी झील और एक छोटा-सा जंगल भी शामिल हैं। हिंदू धर्म में भगवान के रुप में पूजे जाने वाले श्री गणेश की प्रतिमाएं आपको आयरलैंड में देखने मिलेगा। विक्टर वे राउंडवुड , काउंटी विकलो, आयरलैंड के पास स्थित है। ये एक प्राइवेट बगीचे में स्थित है, जो इन मूर्तियों के लिए काफी प्रसिद्ध हैं।

विक्टर्स वे पार्क (सौजन्य-पिनटरेस्ट)

इस बगीचे में काले ग्रेनाइट से बनी श्री गणेश की अद्भुत और सुंदर प्रतिमाएं हैं। आयरलैंड में स्थित विक्टर्स वे नाम का ये बगीचा 9 हेक्टेयर में फैला हुआ हैं, जिसमें एक छोटी-सी झील और एक छोटा-सा जंगल भी शामिल हैं। ये पार्क गर्मियों के महीनों के दौरान पर्यटकों के लिए खुला रहता है।

मूर्तियों की खास बात

विक्टर्स वे पार्क में स्थित यहां कि ज्यादातर मूर्तियां काले ग्रेनाइट से बनी हैं। इसके अलावा कुछ ब्रॉन्ज से भी बनी हैं जिसकी ऊंचाई 1.5 मीटर से लेकर 4.9 मीटर तक है। इस पार्क में सबसे पहले फास्टिंग बुद्ध की प्रतिमा लायी गई थी। इसके एंट्री गेट पर आपको पहली संरचना एक नक्काशी दार टनल के रुप में दिखेगी जोकि योनि दंता के विचार पर आधारित है।

इस पार्क में कुल 8 मूर्तियां है जो श्री गणेश को समर्पित है। इसमें श्री गणेश की मूर्तियां नाचते, पढ़ते और संगीत के वाद्ययंत्र बजाते हुए दिखाई देते हैं। बता दें कि ये सभी गणेश जी की मूर्तियां भारत के तमिलनाडु में बनाई गई थीं। बताया जाता है कि एक मूर्ति को बनाने में कुल पांच कारीगरों को एक साल का समय लगा था।

विक्टर्स वे पार्क (सौजन्य-पिनटरेस्ट)

ध्यान के लिए पार्क का निर्माण

बताया जाता है कि इस पार्क को 2015 मे विक्टर वे नाम से बंद कर दिया गया था। यहां के मालिक का कहना था कि इस पार्क को 28 से अधिक उम्र के लोगों के लिए ध्यान करने के उद्देश्य से बनाया गया था और अब ये पर्यटकों के लिए एक ट्रैवल स्पॉट बन गया है। लेकिन, इसके अगले ही साल 2016 से ये फिर से शुरू हुआ और इस बार एंट्री फीस और एज लिमिट की शर्तों के साथ खोला गया।

पार्क का स्वामित्व

ये पार्क वर्तमान में विक्टर लैंगहेल्ड के पास है, जो 1940 में बर्लिन में पैदा हुए थे। विक्टर ने भारत, थाईलैंड, जापान और श्रीलंका में कई अलग-अलग धार्मिक संप्रदायों के साथ समय बिताया हैं। ये एक वजह हो सकती है कि आयरलैंड देश में भारतीय हिंदू धर्म के भगवान की प्रतिमा मौजूद हो।

अगर आप कभी भी आयरलैंड की यात्रा पर जाएं तो वहां स्थित इस विक्टर वे को जरुर देंखे, जहां हिंदू धर्म के निशान मौजूद है।

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