7 से 9 घंटे सोने के बाद भी नींद की खराब क्वालिटी से थकान हो सकती है।
तनाव, अनियमित रूटीन और स्लीप एपनिया भी सुबह की सुस्ती की वजह हो सकती हैं।
लगातार थकान रहने पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर तरीका है।
Why Am I Tired After Sleeping: कई बार रात में 7-8 घंटे सोने के बाद भी सुबह उठते ही शरीर में थकान, सुस्ती और भारीपन महसूस होता है। ऐसा लगता है जैसे शरीर को और नींद की जरूरत है। अगर आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता है, तो इसे केवल काम की थकान समझकर नजरअंदाज न करें।
इसकी वजह नींद की खराब क्वालिटी, स्ट्रेस, अनियमित दिनचर्या या कोई स्वास्थ्य समस्या भी हो सकती है। दरअसल, अच्छी नींद का मतलब सिर्फ ज्यादा घंटे सोना नहीं, बल्कि रात को बिना जागे पर्याप्त और सुकून भरी नींद लेना है। आइए जानते हैं सुबह उठने के बाद भी थकान महसूस होने के कारण।
कई लोग समय पर बिस्तर पर तो चले जाते हैं, लेकिन देर तक मोबाइल स्क्रोल करते रहते हैं और सोने में काफी समय लगा देते हैं। ऐसे में बिस्तर पर बिताया गया समय और वास्तव में सोने का समय अलग होता है। एक व्यस्क को हर रात लगभग 7-9 घंटे की नींद की जरूरत होती है। अगर आप लगातार कम सो रहे हैं, तो सुबह थकान और दिन में सुस्ती महसूस होती है।
कभी शोर, कभी कमरे का तापमान और कभी बार-बार वॉशरूम जाने की वजह से नींद बीच में खुलती है। कई बार व्यक्ति को याद भी नहीं रहता कि रात में उसकी नींद कितनी बार टूटी। इससे नींद प्रभावित होती है और सुबह उठने पर तरोताजा महसूस नहीं होता।
अगर आप कभी रात 10 बजे और कभी 1 बजे सोते हैं, तो सर्केडियन रिदम प्रभावित होती है। इससे नींद आने और सुबह जागने का प्राकृतिक समय बिगड़ सकता है। वीकेंड पर देर तक जागना और फिर देर से उठना भी इस रूटीन को प्रभावित करता है। कोशिश करें कि रोज लगभग एक ही समय पर सोएं और जागें।
रात में देर तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी देखने से सोने का समय टल सकता है। वहीं शाम या रात में चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक लेने से भी कुछ लोगों की नींद प्रभावित होती है। कैफीन का असर कई घंटों तक रहता है। इसलिए सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करें और शाम के बाद कैफीन लेने से बचने की कोशिश करें।
दिनभर की परेशानियां, काम का दबाव, फाइनेंशियल चिंता या रिश्तों से जुड़ी उलझनें दिमाग को लगातार सक्रिय रखती हैं। ऐसे में व्यक्ति बिस्तर पर जाने के बाद भी उन्हीं बातों के बारे में सोचता रहता है। इससे नींद आने में देर होती है या रात में बार-बार आंख खुलती है। सोने से पहले हल्की किताब पढ़ना, ब्रीदिंग प्रैक्टिस या अगले दिन के कामों की सूची बना लेना मददगार हो सकता है।
सुबह थकान महसूस होने की एक वजह ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया भी हो सकती है। इस स्थिति में सोते समय सांस बार-बार रुकती और फिर शुरू होती है, जिससे नींद प्रभावित होती है। तेज खर्राटे लेना, रात में हांफते या घुटन के साथ नींद खुलना, सुबह सिरदर्द और दिनभर बहुत नींद आना इसके लक्षण हो सकते हैं। अगर आपके साथ ऐसा होता है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
लगातार थकान का संबंध आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया, थायरॉइड की समस्या, डायबिटीज और कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्या भी हो सकती है। अगर पर्याप्त नींद के बाद भी कई दिनों या हफ्तों तक थकान बनी रहती है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना उचित है।
रोज सोने और जागने का समय तय रखें।
वयस्कों के लिए लगभग 7 से 9 घंटे की नींद का लक्ष्य रखें।
सोने से पहले मोबाइल और टीवी का इस्तेमाल कम करें।
शाम और रात में चाय-कॉफी का सेवन सीमित रखें।
दिन में नियमित फिजिकल एक्टिविटी और हल्की एक्सरसाइज करें।
सोने का कमरा शांत, आरामदायक और बहुत ज्यादा रोशनी न रखें।
रात को सोने से ठीक पहले भारी भोजन करने से बचें।