सर्दियों में तिल के तेल के फायदे (सौ.सोशल मीडिया) 
हेल्थ

ठंड के मौसम में महंगे से महंगा मॉइस्चराइजर भी फेल है तिल का तेल के सामने, जानिए इसके फ़ायदे

Massaging with sesame oil:आयुर्वेद में तिल तेल को नेचुरल बॉडी कवच बताया गया है,जो आपकी त्वचा, मांसपेशियों और ऑलओवर हेल्थ के लिए कमाल कर सकता है। इसे अपने सर्दियों के रूटीन में जरुर शामिल करें।

सीमा कुमारी

Sesame Oil Benefits:सर्दियों का मौसम आ गया है। जैसे ही सर्दियां दस्तक देती हैं, वैसे ही, सेहत के लिए कई चुनौतियां भी लेकर आता है, जैसे त्वचा का रूखापन, जोड़ों में दर्द, सर्दी-जुकाम और पाचन संबंधी समस्याएं। हालांकि, इन समस्याओं से बचने के लिए आयुर्वेद में तेल लगाने को काफी असरदार मानता है। सर्दियों में तेल अभ्यंग करना यानी मालिश करना फायदेमंद होता है, लेकिन बहुत कम ही लोग जानते हैं कि सर्दियों में किस तेल का इस्तेमाल ज्यादा लाभकारी होता है।

सर्दी के मौसम में तिल के तेल से मिलेंगे ढेरों फायदे

आयुर्वेद में तिल तेल को नेचुरल बॉडी कवच बताया गया है, जो त्वचा को संरक्षण देने के साथ-साथ जोड़ों के दर्द में भी काम देता है।

स्किन से लेकर जोड़ों के दर्द

एक्सपर्ट्स बताते है कि, औषधियां से भरपूर तिल का तेल सिर्फ एक तेल नहीं, बल्कि सर्दियों का नेचुरल बॉडी कवच है। यह शरीर को सुरक्षित रखने के साथ-साथ शरीर को गर्म रखता है, स्किन को पोषित करके उसे जवां बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही, मांसपेशियों और जोड़ों में होने वाले दर्द से भी राहत देता है।

आयुर्वेद में माना गया है कि तिल का तेल सर्दियों में बढ़ने वाले वात को कम करता है, जिससे गठिया, जोड़ों में दर्द और नींद न आने की परेशानी होती है। ऐसे में अगर तिल के तेल से अभ्यंग किया जाए तो इन सभी परेशानियों से राहत मिल सकती है।

आयुर्वेद में ये भी माना गया है कि तिल का तेल इतना प्रभावशाली होता है कि जैसे ही इसे त्वचा पर लगाया जाता है, तो त्वचा की सात परतों को पार करके अंदर तक अपना असर दिखाता है।

रूखापन, झुर्रियां से दिलाता है निजात

पोषक तत्वों से भरपूर तिल के तेल में सेसामोल, सेलमिन और विटामिन E होता है, जो प्राकृतिक रूप से त्वचा को पोषण देता है। इससे त्वचा का रूखापन, झुर्रियां और सर्दियों में त्वचा पर पड़ने वाली दरारें कम होती हैं। सेसामोल और सेलमिन मिलकर त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं।

सनस्क्रीन की तरह काम करता है

अगर भारतीय संस्कृति की बात करें तो, सदियों से उबटन में तिल के तेल का इस्तेमाल होता आया है, क्योंकि ये धूप में मौजूद यूवी किरणों से भी बचाता है। ये हमारे शरीर पर सनस्क्रीन की तरह काम करता है। इसके प्रयोग से त्वचा पर एक पतली लेयर बन जाती है। ये लेयर 24 घंटे तक शरीर पर बनी रहती है और त्वचा की रक्षा करती है। ऐसी क्षमता न तो नारियल के तेल में होती है और न ही जैतून के तेल में।

हड्डियों को मजबूती देता

तिल के तेल का प्रयोग हड्डियों को मजबूती देता है। जोड़ों के दर्द और गठिया की परेशानी सर्दियों में ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में सुबह-शाम तिल के तेल से अभ्यंग लाभकारी होता है।

आईएएनएस के अनुसार

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