Nautapa Care: नौतपा साल के 9 सबसे गर्म दिन होते हैं। ज्योतिष की मानें, तो जब ग्रहों के राजा सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब से नौतपा शुरू होती है। नौतपा केवल गर्मी से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह मानसून और कृषि के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
कहा जाता है कि जितनी भीषण गर्मी और सूखा नौतपा के दौरान पड़ेगा, मानसून उतना ही अच्छा और लंबा होगा। इस दौरान अच्छा और हेल्दी खाना, भरपूर मात्रा में पानी पीना और अच्छी नींद लेना सेहत के लिए बेहद जरूरी होता है।
नौतपा में तापमान बहुत ज्यादा होता है, ऐसे में सलाह दी जाती है कि गहरे रंग के वस्त्र न पहनें। काले, हरे और नीले रंग के कपड़ों में गर्मी बहुत अधिक होती है। गहरे रंग के कपड़े सूर्य की रोशनी को सोखते हैं, जिससे गर्मी का आभास अधिक होता है। ऐसे में हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है। धूप में गहरे रंग के कपड़ों का तापमान 60 डिग्री तक पहुंच जाता है, जो सेहत के लिए नुकसानदेह है।
विज्ञान की भाषा में इस समझें, तो गहरे रंग सूर्य की किरणों को अवशोषित कर लेते हैं। काला रंग तो सारी गर्मी सोख लेता है, ऐसे में यदि आप काले रंग को धारण करते हैं, तो सारी गर्मी शरीर के भीतर जाएगी। नौतपा के दौरान जब सूर्य की किरणें सीधी और तीखी पड़ रही होती हैं, तब ये कपड़े शरीर को ओवन की तरह गर्म कर देते हैं। इससे पसीना ज्यादा आने के बावजूद ठंडक नहीं मिलती, डिहाइड्रेशन होता है और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
गर्मी हो या नौतपा, इस मौसम के लिए सूती कपड़े सबसे बेहतर होते हैं। इसके अलावा लिनन या खादी भी अच्छा ऑप्शन है। इन कपड़ों में हवा बनी रहती है और हीट शरीर के भीतर तक नहीं पहुंचता है। ये कपड़े पसीना को सोख लेते हैं और हीट भीतर लॉक नहीं होता है।
गर्मियों में सिंथेटिक कपड़े या मोटे कपड़े पहनने से बचना चाहिए। ये कपड़े शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं और पसीना बाहर नहीं निकल पाता है। इससे घबराहट व बेचैनी जैसी समस्या होने लगती है।