Udhampur Terrorist Search Operation: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। उधमपुर जिले के जंगलों मे 6 आतंकियों के छूपे होने की खबर है। हाल ही में सुरक्षा बलों ने जिले के मजालता के ब्रतल क्षेत्र में जैश-ए-मोहम्मद के 2 पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया था। इस अभियान के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सेना के जवान जंगलों में तलाशी अभियान चला रहे है।
मिली जानकारी के अनुसार, 8 आतंकियों का समूह था, जिसमें से 2 आतंकी को मार गिराया गया है। रात में जिले में घेराबंदी के दौरान तीन आतंकियों ने गोलीबारी की और सुरक्षा बलों को उलझाए रखा था। इसी आड़ में समूह के अन्य आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर घने जंगलों में भाग गए।
इन तीन आतंकियों में से सद्दाम और मुस्तफा को सुरक्षा बलों ने मार गिराया। वहीं तीसरा आतंकी घायल हुआ। सुरक्षा बलों को जंगल में घायल आतंकी के खून से सने पैर के निशान मिले हैं। इससे संदेह हुआ कि इलाके में कई आतंकी मौजूद हो सकते है। इसे ध्यान में रखते हुए सेना के जवानों ने आसापस के ठिकानों में तलाशी शुरू कर दी है।
उधमपुर जिले में ब्रतल-खुबन से लेकर बसंतगढ़ और कठुआ जिले के समीवार्ती इलाकों में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। इन इलाकों में घने जंगलों में आतंकियों के छुपे होने की संभावना है। कठुआ और सांबा में भी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर काम कर रही है।
आपको जानकारी दें, कि बीते दिन मारे गए दो पाकिस्तानी आतंकियों सद्दाम और मुस्तफा से संबंधित कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गई और दोनों को देर रात ही दफना दिया गया।
सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां, पुलिस के साथ मिलकर, हिरासत में लिए गए ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) से पूछताछ कर रही हैं। अधिकारी उसके संपर्कों की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उसका आतंकवादियों से कोई संबंध था और क्या उसने उन्हें किसी तरह की मदद पहुंचाई थी।
जम्मू-कश्मीर में सेना, पुलिस और एजेंसियां OGW से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस अधिकारी के अनुसार, संदिग्ध से मामले के विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है और उसके संपर्कों की भी जांच चल रही है।
मजालता के ब्रताल इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद, सुरक्षा बलों ने 16 सितंबर की रात 'ऑपरेशन सोहन' शुरू किया और ब्रताल-सोहन व खुबन के जंगलों में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया।
घेराबंदी के दौरान आतंकवादियों द्वारा गोलीबारी करने के बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। अंधेरे और चुनौतीपूर्ण इलाके के बावजूद सुरक्षा बलों ने घेराबंदी बनाए रखी। 17 सितंबर को दो आतंकवादियों के शव बरामद किए गए, साथ ही हथियार और गोला-बारूद भी मिले।