जेपीसी बैठक (सौ. सोशल मीडिया) 
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आज लोकसभा में पेश होगा वक्फ संशोधन बिल, पुराने कानून में इन बदलाव का है प्रस्ताव

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल 2024 पेश करेंगे। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जैसी संस्थाओं और AIMIMअध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार के इस कदम पर कड़ा विरोध जताया है। सदन विधेयक पर विचार के लिए स्थायी समिति की अनुपस्थिति में एक अलग समिति बना सकता है।

राहुल गोस्वामी

नई दिल्ली: लोकसभा में आज यानी गुरुवार को पुराने वक्फकानूनों में बदलाव हेतु वक्फ संशोधन बिल 2024 पेश किया जाएगा। आज सदन में प्रश्नकाल के बाद अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू बिल को पेश करेंगे। इस बिल को लेकर पहले से ही विवाद खड़ा । ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जैसी संस्थाओं और AIMIMअध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार के इस कदम पर कड़ा विरोध जताया है।

गौरतलब है कि आज भी लोकसभा में इस विधेयक मुस्लिम सांसदों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। विधेयक का उद्देश्य केंद्रीय पोर्टल के माध्यम से वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण के तरीके को सुव्यवस्थित करना है। यह विधेयक 18 फरवरी 2014 को राज्यसभा में पेश किया गया था।

संसदीय समिति के पास जाएगा विधेयक

इस बाबत विपक्षी दलों ने बीते बुधवार को सरकार से आग्रह किया था कि वक्फ (संशोधन) विधेयक को पेश किए जाने के बाद इस पर गौर करने के लिए इसे संसद की स्थायी समिति के पास भेजा जाना चाहिए। लेकिन दूसरी तरफ सरकार ने कार्य मंत्रणा समिति (BAC) की बैठक में कहा कि वह सदन की भावना का आकलन करने के बाद इस पर फैसला करेगी। सरकार ने यह भी कहा था कि वह आज लोकसभा में पेश होने के बाद विधेयक पर चर्चा और इसे पारित कराने पर जोर नहीं देगी। इस बात की प्रबल संभावना है कि सरकार इस विधेयक को संसदीय समिति के पास भेजने पर सहमत हो सकती है। यहां पढ़ें - आज जम्मू-कश्मीर में होगी चुनाव आयोग की टीम, क्या जल्द होंगे चुनाव…

मुस्लिम संगठन कर रहे विरोध

इस विधेयक का कुछ मुस्लिम संगठन विरोध कर रहे हैं। लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई और तृणमूल कांग्रेस सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय उन विपक्षी सदस्यों में शामिल हैं, जिन्होंने विधेयक पेश होने के बाद इसे संसद की स्थायी समिति को भेजने की मांग की। संयोग से अभी लोकसभा की विभाग-संबंधित स्थायी समितियों का गठन नहीं हुआ है। यदि सरकार इस तरह की कार्रवाई पर निर्णय लेती है तो सदन विधेयक पर विचार के लिए स्थायी समिति की अनुपस्थिति में एक अलग समिति बना सकता है। यहां पढ़ें - EC ने किया राज्यसभा की 12 सीटों पर चुनाव का ऐलान, 3 सितंबर को महाराष्ट्र समेत 9 राज्यों में हाेगा मतदान

क्या है प्रस्ताव

वक्फ बोर्डों को नियंत्रित करने वाले कानून में संशोधन से जुड़े विधेयक में वर्तमान अधिनियम में दूरगामी बदलावों का प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें वक्फ निकायों में मुस्लिम महिलाओं और गैर-मुसलमानों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना भी शामिल है। वक्फ (संशोधन) विधेयक में वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम बदलकर ‘एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तीकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995' करने का भी प्रावधान है।

इस विधेयक को पेश किए जाने से पहले बीते मंगलवार रात लोकसभा सदस्यों के बीच वितरित किया गया था। विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के विवरण के अनुसार, विधेयक में यह तय करने की बोर्ड की शक्तियों से संबंधित मौजूदा कानून की धारा 40 को हटाने का प्रावधान है कि कोई संपत्ति वक्फ संपत्ति है या नहीं। यह केंद्रीय वक्फ परिषद और राज्य वक्फ बोर्डों की व्यापक आधार वाली संरचना प्रदान करता है और ऐसे निकायों में मुस्लिम महिलाओं तथा गैर-मुसलमानों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करता है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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