बृज भूषण शरण सिंह (सोर्स- सोशल मीडिया) 
देश

UGC कानून पर BJP में सबसे बड़ी बगावत...कलराज मिश्र के बाद बृजभूषण ने दिखाया दबदबा, किसे दे डाली खुली चेतावनी?

UGC New Rules: नए UGC नियमों के खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। बीजेपी के अंदर भी असंतोष बढ़ रहा है। इसी कड़ी में कलराज मिश्र और बृज भूषण शरण सिंह ने भी बागी तेवर दिखाए हैं।

अभिषेक सिंह

Brij Bhushan Sharan Singh: नए UGC नियमों के खिलाफ देश भर में और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। बीजेपी के अंदर भी असंतोष बढ़ रहा है। वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्रा ने इन नियमों को पूरी तरह से असंवैधानिक बताते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की। गोंडा के पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने भी इसके खिलाफ आवाज़ उठाई और कहा कि यह कानून बांटने वाला है और इसे रद्द किया जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में बृज भूषण अपने गांव में अपने घर पर अलग-अलग समुदायों के छोटे बच्चों के साथ खड़े होकर कहते हैं कि ये बच्चे एक साथ खेलते हैं। वे पिछले पांच सालों से हर शाम आते हैं। घर में जो भी होता है, वे सब एक साथ बैठकर नाश्ता करते हैं।

'आपने हमारे मिशन को स्वाहा कर दिया'

बृज भूषण शरण सिंह 1 जनवरी से 8 जनवरी तक मैंने एक सनातन कथा का आयोजन किया था। मैंने इसका उद्घाटन 52 अलग-अलग जातियों और समुदायों के धार्मिक नेताओं से करवाया था। मैं एक सनातन वाटिका बनाने जा रहा हूं। आपने इस कानून को लाकर हमारे मिशन को पूरी तरह स्वाहा कर दिया है। मैं आपको दिखाता हूं कि उस कथा में किस समुदाय ने सहयोग नहीं किया।

'ऑफिस में बैठकर समाज नहीं चलता'

उन्होंने कहा कि जो सामाजिक रूप से निचले दर्जे के हैं, उनके साथ भेदभाव न करना और उन्हें ऊपर उठाना ही हमारी परंपरा है। समाज ऑफिस में बैठकर नहीं चलाया जा सकता। गांव में आइए देखिए कैसे सभी समुदायों के बच्चे एक साथ खेलते हैं। कोई भेदभाव नहीं है। कोई बच्चा किसी की जाति नहीं पूछता। क्या आप ऐसा भविष्य चाहते हैं जहां किसी OBC या दलित व्यक्ति को इस घर में घुसने की इजाज़त न हो? आप ऐसा माहौल बना रहे हैं।

'...किसी कानून की जरूरत नहीं है'

पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने ऊंची जातियों के लोगों से OBC और दलित समुदायों के लोगों से संपर्क करने और उनसे इसके खिलाफ विरोध करने के लिए कहा, क्योंकि गांव में हम सब एक साथ रहते हैं। गांव में जब शादी होती है तो हर व्यक्ति का उससे जुड़ा कोई न कोई अधिकार या रीति-रिवाज होता है। यह हमारी परंपरा है। इसके लिए किसी कानून की जरूरत नहीं है।

सरकार से पूछ लिया सबसे बड़ा सवाल

उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई बच्चा गलती करता है तो उसे सज़ा दीजिए। जो गलत करते हैं उनके साथ कोई खड़ा नहीं होता। इसके अलावा आपने पहले भी कानून बनाए हैं। क्या दलितों और महिलाओं पर अत्याचार बंद हो गए? स्थिति में सुधार नहीं हुआ, बल्कि कानून के दुरुपयोग की खबरें सामने आने लगीं।

पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे इस कानून के खिलाफ आंदोलन भी करेंगे, लेकिन यह आंदोलन सिर्फ क्षत्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें दलित और पिछड़े वर्ग के लोग भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे बंटवारे वाले कानून की कोई जरूरत नहीं है। अगर लोकतंत्र को बचाना है, तो हमें समझना होगा कि गांव कैसे काम करते हैं। भाईचारा कायम करें। यह कानून समाज को बांटेगा। भविष्य में देश को बहुत नुकसान होगा। यह कानून इन बच्चों को बांट देगा।

इस कानून में कोई संतुलन नहीं: बृज भूषण

बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि इस कानून में कोई संतुलन नहीं है। आपने एक तरफ के लोगों को अपराधी करार दे दिया है और उन्हें कानूनी मदद का मौका भी नहीं दिया है। जो गलत करते हैं उन्हें सज़ा मिलनी चाहिए, लेकिन बच्चों के बीच इस तरह का भेदभाव न करें। पूर्व सांसद ने दलित और OBC समुदायों के युवाओं से अपील की कि वे ऐसे कानून का समर्थन न करें।

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