Chirag Paswan on Swatantra Bhardwaj: हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन और कार्रवाई की मांग के बाद दिल्ली पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया। इसी बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
चिराग पासवान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज ने उनके अलावा कई अन्य नेताओं के नाम का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्होंने उसके खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। पासवान ने यह भी कहा कि अगर शिकायत के बाद भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो यह गलत होगा।
स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के संसद मार्ग थाने का घेराव किया था। इस दौरान नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद भी थाने में मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से भारद्वाज के खिलाफ SC-ST एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज करने और जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी।
दिल्ली पुलिस की ओर से कहा गया था कि स्वतंत्र भारद्वाज को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई कुछ ही घंटों में हो गई और भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया गया।
पूरा विवाद स्वतंत्र भारद्वाज के एक वीडियो इंटरव्यू के बाद शुरू हुआ। करीब एक घंटे के इस इंटरव्यू में उसने 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो मार्च’ के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रा निशू आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट करने का दावा किया था।
वीडियो में भारद्वाज कथित तौर पर यह कहते हुए दिखाई देता है कि उसने प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार की खोपड़ी फोड़ दी थी और इसके बावजूद उसे जेल नहीं जाना पड़ा। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने संजय कुमार के सिर की हड्डी टूटने के दावे का खंडन किया है। पुलिस के मुताबिक, हाथापाई के दौरान उन्हें मामूली चोट लगी थी और उनकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था।
वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज कथित तौर पर कहता सुनाई देता है कि इस मामले में धारा 307 लग सकती है और घायल व्यक्ति को कई टांके लगे थे। उसने यह दावा भी किया कि संजय कुमार को गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाया गया, जबकि उनकी बेटी थाने के बाहर खड़ी होकर न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या की बात कह रही थी।
भारद्वाज ने इंटरव्यू में कथित तौर पर कहा कि इन सबके बावजूद उसे जेल नहीं भेजा गया और वह पूरी रात बाहर घूमता रहा।
इंटरव्यू के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज ने कई राजनीतिक नेताओं से करीबी संबंध होने का दावा भी किया। उसने कथित तौर पर कहा कि उसे हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त है और कपिल मिश्रा उसके बड़े भाई हैं।
इसी दौरान उसने चिराग पासवान को भी अपना बड़ा भाई बताते हुए दावा किया कि उसे कई नेताओं का समर्थन प्राप्त है। उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी इसी तरह का दावा किया।
अब चिराग पासवान द्वारा खुद स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है।
स्वतंत्र भारद्वाज के वीडियो को आधार बनाकर CJP ने दिल्ली पुलिस से उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। संगठन के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
दास ने सवाल उठाया कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर मौजूद ऐसे लोगों की पहचान पुलिस ने क्यों नहीं की। उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।