Shashi Tharoor: पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद विदेशों गए भारतीय सांसदों के डेलिगेशन का हिस्सा बनने के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर को लेकर राजनैतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं। जिनमें उनका कांग्रेस से किनारा और बीजेपी को सहारा देने जैसी बातें भी शामिल थीं। लेकिन सोमवार को राजधानी में जो कुछ दिखा उससे मामला उलट गया है।
दरअसल, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवार को चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। थरूर ने राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर आयोग से जवाब मांगा। कांग्रेस सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग राहुल गांधी के सवालों का जवाब देने के बजाय हलफनामे जैसी औपचारिकताएं निभा रहा है।
तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर, बिहार में मतदाता सूची में संशोधन और वोट चोरी के आरोपों के विरोध में विपक्षी सांसदों द्वारा निकाले गए मार्च में शामिल थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से बेहद गंभीर सवाल पूछे हैं। इन गंभीर सवालों का जवाब भी गंभीरता से दिया जाना चाहिए। लेकिन जवाब देने के बजाय चुनाव आयोग हलफनामे जैसी चीजों पर जोर दे रहा है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि सच कहूं तो मुझे लगता है कि इसकी कोई जरूरत नहीं है। आयोग को इसके लिए दबाव बनाने की जरूरत नहीं है। थरूर ने आगे कहा कि दूसरी बात यह है कि राहुल गांधी जो आंकड़े दे रहे हैं, वे खुद चुनाव आयोग के आंकड़े हैं। आयोग को अपने आंकड़े देखने चाहिए।
शशि थरूर ने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग को किसी भी तरह की औपचारिकता में पड़ने के बजाय गंभीर शंकाओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव की शुचिता को लेकर लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं। चुनाव प्रक्रिया अत्यंत विश्वसनीय, आवश्यक और देश के लिए महत्वपूर्ण है। यह इतनी मूल्यवान है कि इसे नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता।
कांग्रेस नेता शशि थरूर के समर्थन के बाद सियासी गलियारों में एक बार फिर से हलचल बढ़ गई है। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी आलाकमान ने शशि थरूर के साथ शायद बातचीत की है और अब दोनों के बीच संबध पहले जैसे हो चुके हैं। यही वजह है कि शशि थरूर खुलकर राहुल गांधी के समर्थन में उतरे हैं।