

INDIA Alliance MP's protest: दिल्ली में सोमवार को बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित "वोट चोरी" के आरोपों के विरोध में विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से भारत निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक विरोध मार्च निकाला है।
मार्च की शुरुआत संसद के मकर द्वार से हुई, जहां नेताओं ने राष्ट्रगान गाकर प्रदर्शन की शुरुआत की। मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, शरद पवार, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी वाड्रा, टीएमसी नेता डेरेक ओब्रायन, डीएमके के टीआर बालू, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, राजद और वामपंथी दलों के नेता शामिल थे।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग पर परिवहन भवन के पास रोक दिया। मौके पर बैरिकेड्स लगाए गए थे और लाउडस्पीकर से घोषणा कर सांसदों को आगे बढ़ने से मना किया गया। पुलिस का कहना था कि इस मार्च के लिए अनुमति नहीं ली गई थी।
पुलिस के रोकने के बाद कई नेताओं ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की। अखिलेश यादव बैरिकेड कूदकर बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए। उनके साथ कुछ अन्य सांसद भी वहीं बैठ गए। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा, सुष्मिता देव और कांग्रेस की संजना जाटव व ज्योतिमणि बैरिकेड्स पर चढ़ गईं और नारेबाजी करने लगीं। प्रदर्शनकारियों के पास बैनर और तख्तियां थीं, जिन पर "एसआईआर वापस लो" और "वोट चोरी" जैसे नारे लिखे थे। कुछ सांसद सफेद टोपी पहने थे, जिन पर लाल क्रॉस के साथ यही संदेश अंकित था।
दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, संजय राउत और सागरिका घोष सहित INDIA ब्लॉक के सांसदों को हिरासत में ले लिया, जो SIR के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे और संसद से भारत के चुनाव आयोग तक मार्च कर रहे थे। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, " ये डरे हुए हैं, सरकार कायर है।"
विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि बिहार में चल रही एसआईआर प्रक्रिया लोकतंत्र के खिलाफ है और मतदाता सूची में मनमाने ढंग से बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मतदाताओं के अधिकारों का हनन है और आगामी लोकसभा चुनावों में पारदर्शिता को नुकसान पहुंचा सकता है।
DCP देवेश कुमार महला ने कहा, "चुनाव आयोग की ओर से लगभग 30 सांसदों की अनुमति थी लेकिन उनकी (विपक्षी नेताओं) तादाद काफी ज्यादा थी इसलिए उन्हें हिरासत में लिया गया है।"
दिल्ली पुलिस ने चुनावी राज्य बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान "मतदाता धोखाधड़ी" के आरोपों के विरोध में संसद से चुनाव आयोग तक मार्च कर रहे इंडिया ब्लॉक के नेताओं को रोक दिया है इसके बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पुलिस बैरिकेड के ऊपर से कूद गए।