नई दिल्लीः नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बहन प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ ईडी एक्शन पर पहली बार रिएक्ट किया है। वाड्रा के खिलाफ ईडी द्वारा फाइल की चार्जशीट पर उन्होंने तीखा हमला बोला है। गांधी ने कहा कि उनके जीजा के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से लगातार वाड्रा को निशाना बनाया जा रहा है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि "मेरे जीजाजी को पिछले 10 सालों से सरकार परेशान कर रही है। यह ताजा आरोपपत्र भी उसी षडयंत्र का हिस्सा है।" उनकी यह पोस्ट राजनीतिक और भावनात्मक है। उन्होंने कहा कि मैं रॉबर्ट, प्रियंका और उनके बच्चों के साथ खड़ा हूं।
'दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई के खिलाफ प्रियंका के परिवार के साथ हूं'
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि मैं रॉबर्ट, प्रियंका और उनके बच्चों के साथ हूं, क्योंकि उन्हें दुर्भावनापूर्ण, राजनीतिक रूप से प्रेरित बदनामी और उत्पीड़न का एक और हमला झेलना पड़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे पता है कि वे अपनी लड़ाई लड़ने के लिए पर्याप्त बहादुर हैं और गरिमा के साथ ऐसा करते रहेंगे। राहुल ने कहा कि अंत में सच्चाई की जीत होगी।
ईडी ने वाड्रा के खिलाफ लिया एक्शन
बता दें कि बीते रोज ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा सहित 10 कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसके 43 से ज्यादा संपत्तियों को जब्त की थी। जिनकी कीमत करीब 36 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई को राहुल गांधी ने राजनीति से प्रेरित बताया है।
कौड़ियों के भाव बेची गई जमीन
ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ जिस मामले में एक्शन लिया है, वो 2008 के मानेसर-शिकोहपुर की लैंड डील से जुड़ा हुआ है। इसमें स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी ने 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ में खरीदी थी। जिसे 4 साल बाद 2012 में डीएलएफ को 58 करोड़ में बेचा था, जिस समय लैंड डील हुई थी उस समय स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी डायरेक्टर रॉबर्ट वाड्रा थे। इसके अलावा केंद्र और हरियाणा में कांग्रेस की सरकार थी। आरोप है कि सरकार ने कौड़ियों के भाव जमीन रॉबर्ट वाड्रा को बेची थी।