PM Interacts Seva Sankalp Abhiyan Yatri: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत वडनगर से वाराणसी तक की 'सेवा यात्रा' में शामिल यात्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। प्रधानमंत्री ने सेवा संकल्प यात्रा और इससे जुड़े सभी युवा साथियों का अभिनंदन किया। इस बातचीत से सेवा यात्रियों को अपनी यात्रा के अनुभव साझा करने का मौका मिला। इस यात्रा का मकसद उन जगहों पर युवाओं की भागीदारी और सामुदायिक सेवा को जोड़ना है जहां से ये टीमें गुजर रही हैं। सेवा यात्रा 17 सितंबर को शुरू हुई थी और यह पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए चलाए जा रहे बड़े 'सेवा संकल्प अभियान' का हिस्सा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत के दौरान कहा कि वडनगर और वाराणसी दोनों ही पुरातन ऐतिहासिक शहर हैं। ये दोनों हजारों साल से जीवंत हैं। मेरे लिए तो एक मेरी जन्मभूमि है और दूसरी मेरी कर्मभूमि है। काशी में बाबा विश्वनाथ जी का आशीर्वाद है और वडनगर, हाटकेश्वर महादेव के आशीष की भूमि है। आप सभी इन दोनों शहरों के बीच सेवा का इतना बड़ा अभियान चला रहे हैं। अभी मुझे कुछ साथियों से बात करने का मौका भी मिला। जो वडनगर से निकले हैं और वाराणसी की तरफ बढ़ रहे हैं, आपका अनुभव सुनकर ऐसा लग रहा है कि जैसे मैं भी आपके साथ-साथ चल रहा हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी विकसित भारत की निर्माता भी है और यही पीढ़ी एक बड़ी लाभार्थी भी होगी। इस दायित्व को निभाने के लिए भारत को जमीन पर जानना, समझना, देश की हर बारीकियों को अनुभव करना, अलग-अलग क्षेत्रों, सामाजिक वर्गों से मिलना, उनके सपनों से परिचित होना, उनकी आकांक्षाओं को समझना, उनकी बातों को जानना। ये सारी बातें बहुत जरूरी हैं और इसमें सेवा संकल्प यात्रा निश्चित रूप से आपके जीवन में अहम भूमिका निभाने वाली है।
वडनगर और वाराणसी के बीच होने वाली इस दोतरफा मोटरसाइकिल यात्रा में युवा प्रतिभागी कई राज्यों, जिलों और गांवों से गुजर रहे हैं। यात्रा के दौरान, सेवा यात्रियों ने स्थानीय समुदायों से बातचीत की है और सेवा-भाव वाली गतिविधियों में हिस्सा लिया है। इन गतिविधियों में सफाई अभियान, फायदा पाने वाले लोगों और स्थानीय निवासियों से बातचीत, साथ ही स्कूलों, अस्पतालों, नर्सिंग होम और दूसरी सामुदायिक जगहों पर कार्यक्रम शामिल हैं। यह यात्रा 7 अक्टूबर तक चलेगी। इस बड़े अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को वडनगर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने की थी।