

Gondia Surrendered Maoists: हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे आत्मसमर्पित माओवादियों को सम्मानजनक व आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गोंदिया जिला पुलिस दल की ओर से विभिन्न पुनर्वासात्मक उपक्रम चलाए जा रहे हैं।
आत्मसमर्पण के बाद कौशल प्रशिक्षण के साथ ही आवश्यक सरकारी दस्तावेज उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के 15 आत्मसमर्पित माओवादियों को विभिन्न महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज प्रदान किए गए।
भारत सरकार व महाराष्ट्र शासन की आत्मसमर्पणव पुनर्वास योजना की जानकारी माओवादी संगठनों तक पहुंचाकर उन्हें हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करने के प्रयास जिला पुलिस की ओर से लगातार किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के तहत 28 नवंबर 2025 को एमएमसी प्रवक्ता तथा एसजेडसी अनंत उर्फ विकास नागपुरे सहित दरेकसा दलम के कुल 14 माओवादियों ने गोंदिया जिला पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था।
इससे पहले आत्मसमर्पण कर चुके एक माओवादी सहित अब कुल 15 आत्मसमर्पित माओवादियों के पुनर्वास के प्रयास किए जा रहे हैं। आत्मसमर्पित व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बकरीपालन, मत्स्यपालन, पशुपालन, कुक्कुटपालन, सिलाई मशीन संचालन, ब्यूटी पार्लर, बांस क्राफ्टिंग तथा डिजिटल मोबाइल अवेयरनेस जैसे विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया है।
इससे उन्हें रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और भारतीय नागरिक के रूप में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए बैंक खाता, मतदाता पहचान पत्र, ई-श्रम कार्ड, आभा कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड, आधार कार्ड, वरिष्ठ नागरिक कार्ड तथा विवाह प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज तैयार किए गए हैं।
17 सितंबर को जिला नियोजन सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में संभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी के हाथों आत्मसमर्पित माओवादियों को इन दस्तावेजों का वितरण किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी मंदार पाटकी, पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे, अतिरिक्त जिलाधिकारी अभिजीत घोरपड़े, वन विभाग अधिकारी पवन कुमार सॉंग, निवासी जिलाधिकारी भैय्यासाहेब बेहेरे, उपजिलाधिकारी मानसी पाटील तथा उपविभागीय अधिकारी चंद्रकांत खंडाइत उपस्थित थे।