पीपी चौधरी 
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'वन नेशन वन इलेक्शन' के लिए JPC गठित, BJP सांसद और कानून विशेषज्ञ पीपी चौधरी बने अध्यक्ष

'एक राष्ट्र एक चुनाव' के लिए संसद ने 39 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति का गठन कर दिया, जिसकी अध्यक्षता की जिम्मेदारी पूर्व केंद्रीय मंत्री व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद पी पी चौधरी को दी गयी है।

राहुल गोस्वामी

नई दिल्ली: आज यानी शुक्रवार 20 दिसंबर को 'एक राष्ट्र एक चुनाव' के लिए संसद ने 39 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति का गठन कर दिया, जिसकी अध्यक्षता की जिम्मेदारी पूर्व केंद्रीय मंत्री व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद पी पी चौधरी को दी गयी है। इस संयुक्त संसदीय समिति (JPC) में जहां लोकसभा से 27 सदस्य और राज्यसभा से 12 सदस्य शामिल किए गए हैं। वहीं भाजपा सांसद पीपी चौधरी को जेपीसी का अध्यक्ष बनाया गया है।

जानकारी दें कि आज राज्यसभा में इस समिति के 12 सदस्यों को नामित करने के प्रस्ताव को ध्वनि मत से मंजूरी दिए जाने के साथ ही 39 सदस्यीय समिति का गठन हो गया। वहीं इससे पहले, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने निचले सदन में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के प्रावधान वाले ‘संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024' और उससे जुड़े ‘संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2024' को संसद की संयुक्त समिति के विचार के लिए भेजे जाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई।

कौन-कौन शामिल

ऐसे में इन विधेयकों पर विचार के लिए बनी संयुक्त समिति (JPC) में लोकसभा से 27 सदस्यों को नामित किया गया है। इसके बाद, उच्च सदन में मेघवाल ने राज्यसभा के 12 सदस्यों को इस समिति में शामिल करने का प्रस्ताव रखा। उच्च सदन से इस समिति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घनश्याम तिवाड़ी, भुनेश्वर कालिता, के लक्ष्मण, कविता पाटीदार, जनता दल (यूनाइटेड) के संजय झा, कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला और मुकुल वासनिक, तृणमूल कांग्रेस के साकेत गोखले, द्रविड़ मुनेत्र कषगम के पी विल्सन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, बीजू जनता दल के मानस रंजन मंगराज और वाईएसआर कांग्रेस के वी विजय साई रेड्डी को शामिल किया गया है।

इस समिति में लोकसभा से जिन 27 सदस्यों को शामिल किया गया, उनमें भारतीय जनता पार्टी से पीपी चौधरी, सीएम रमेश, बांसुरी स्वराज, पुरुषोत्तम रुपाला, अनुराग ठाकुर, विष्णु दयाल शर्मा, भर्तृहरि महताब, संबित पात्रा, अनिल बलूनी, विष्णु दत्त शर्मा, बैजयंत पांडा और संजय जायसवाल शामिल हैं। वहीं कांग्रेस से प्रियंका गांधी वाद्रा, मनीष तिवारी और सुखदेव भगत को इस समिति का हिस्सा बनाया गया है।

इसके साथ ही समाजवादी पार्टी से धर्मेंद्र यादव और छोटेलाल, तृणमूल कांग्रेस से कल्याण बनर्जी, द्रमुक से टी एम सेल्वागणपति, तेलुगु देशम पार्टी से हरीश बालयोगी, शिवसेना (उबाठा) से अनिल देसाई, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) से सुप्रिया सुले, शिवसेना से श्रीकांत शिंदे, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से शांभवी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के के। राधाकृष्णन, राष्ट्रीय लोक दल के चंदन चौहान और जन सेना पार्टी के बालाशौरी वल्लभनेनी को इस समिति में शामिल किया गया है।

इस प्रकार, समिति के 39 सदस्यों में भाजपा के 16, कांग्रेस के पांच, सपा, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक के दो-दो तथा शिवसेना, तेदेपा, जदयू, रालोद, लोजपा (रामविलास), जन सेना पार्टी, शिवसेना-यूबीटी, राकांपा-(सपा), माकपा, आप, बीजद और वाईएसआरसीपी के एक-एक सदस्य शामिल हैं।

वहीं आज पी पी चौधरी को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। चौधरी कानून विशेषज्ञ हैं और कानून एवं न्याय राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। समिति में राजग के कुल 22 सदस्य हैं जबकि विपक्षी ‘इंडिया' गठबंधन के 10 सदस्य हैं। बीजद और वाईएसआरसीपी सत्तारूढ़ या विपक्षी गठबंधन के सदस्य नहीं हैं। इस समिति को आगामी बजट सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है।

जानकारी दें कि 'एक राष्ट्र एक चुनाव' (JPC) विधेयक को गत 17 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया गया था। सदन में मत विभाजन के बाद ‘संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024' को पुर:स्थापित किया गया। विधेयक को पेश किए जाने के पक्ष में 263 वोट, जबकि विरोध में 198 वोट पड़े थे। इसके बाद कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ध्वनिमत से मिली सदन की सहमति के बाद ‘संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2024' को भी पेश किया था।

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