NEET Paper Leak Biwal Family: नीट पेपर लीक घोटाले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस जांच में राजस्थान का एक ऐसा परिवार सामने आया है जिसके कई सदस्यों ने कथित तौर पर लीक पेपर के जरिए मेडिकल परीक्षाओं में टॉप किया।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जांच एजेंसियों ने ऋषि बीवाल नाम के एक छात्र का खुलासा किया है, जिसका एजुकेशनल रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। ऋषि ने अपनी 10वीं की परीक्षा महज 43 प्रतिशत अंकों के साथ पास की थी। इतना ही नहीं, 12वीं की बोर्ड परीक्षा में वह थ्योरी पेपरों में फेल होने की कगार पर था; उसे फिजिक्स में 9, केमिस्ट्री में 15 और बायोलॉजी में केवल 20 नंबर (56 में से) मिले हैं। वह केवल 'ग्रेस मार्क्स' की मदद से 12वीं पास कर पाया था। इसके बावजूद, जांच में पता चला है कि अगर पेपर लीक का भंडाफोड़ नहीं होता, तो ऋषि लीक पेपर की मदद से NEET में 600 से अधिक अंक प्राप्त कर आराम से सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला ले लेता।
बीवाल परिवार का यह फर्जीवाड़ा केवल ऋषि तक सीमित नहीं था। जांच में सामने आया है कि इस परिवार के पांच अन्य सदस्यों- विकास, प्रगति, गुंजन, सानिया और पलक ने साल 2025 की NEET परीक्षा में सफलता हासिल की और सरकारी कॉलेजों में दाखिला लिया। गौर करने वाली बात यह है कि 2024 में इन भाई-बहनों का प्रदर्शन बेहद औसत रहा था, लेकिन कथित तौर पर 2025 में लीक पेपर मिलने के बाद इन सभी ने 98 प्रतिशत तक अंक हासिल किए थे।
एसओजी और सीबीआई की जांच में यह बात भी संदिग्ध पाई गई कि परिवार के इन बच्चों ने किसी बड़े कोचिंग संस्थान में दाखिला लिए बिना ही अचानक इतने ऊंचे अंक प्राप्त कर लिए। एजेंसियों को संदेह है कि इस परिवार ने मुख्य आरोपियों- मांगीलाल, दिनेश और विकास से सीधे या परोक्ष रूप से पेपर हासिल किया था। राजस्थान के लगभग 150 छात्र अब सीबीआई की रडार पर हैं, जिन्होंने इसी नेटवर्क के जरिए पेपर प्राप्त किया था।
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पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 12 मई को आधिकारिक तौर पर NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी थी। जांच में 3 मई को हुई परीक्षा से पहले एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर एक हस्तलिखित 'गेस पेपर' के प्रसारित होने की बात सामने आई थी, जिसके सवाल मूल प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते थे। अब यह परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी। इस घोटाले की पूरी जांच अब केंद्र सरकार ने सीबीआई को सौंप दी है।