Tata Sons Chairman Salary And Net Worth: एन चंद्रशेखरन ने बुधवार को टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन वह 20 फरवरी 2027 तक अपने मौजूदा कार्यकाल के पूरा होने तक इस पद पर बने रहेंगे। उनका मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होगा। यह फैसला 18 अगस्त को होने वाली टाटा संस की AGM से पहले सामने आया है और टाटा समूह के नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। चंद्रशेखरन ने बताया कि उनके अगले कार्यकाल के प्रस्ताव को बोर्ड में सर्वसम्मति नहीं मिल सकी थी और लंबे समय तक इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ।
चंद्रशेखरन टाटा समूह के उन शीर्ष अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने बेहद निचले स्तर से शुरुआत कर समूह के शीर्ष पद तक का सफर तय किया। उन्होंने 1987 में टाटा समूह की कंपनी TCS से अपना करियर शुरू किया था और 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने। इसी बीच उनकी संपत्ति और सैलरी पैकेज को लेकर भी चर्चा हो रही है। टाटा संस की सालाना वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 158.66 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक मिला।
बता दें कि नटराजन चंद्रशेखरन साल 1987 में टाटा संस से जुड़े थे और बाद में वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के सीईओ और एमडी बने। फिर साल 2017 में उन्होंने टाटा संस के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के पद को संभाला। जिसके बाद चंद्रशेखरन ने टाटा ग्रुप में टेक्नोलॉजी के साथ-साथ एयरलाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और दूसरे नए कारोबारों में भी काफी ज्यादा काम किया है।
एन चंद्रशेखरन का टाटा समूह के साथ करीब चार दशक पुराना रिश्ता है। उन्होंने 1987 में TCS से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह कंपनी के CEO बने और 2017 में टाटा संस के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाली।
वह टाटा संस के पहले गैर-पारसी चेयरमैन भी रहे। चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा समूह ने कई बड़े कारोबारों में विस्तार और पुनर्गठन किया। हालांकि, उनके कार्यकाल में एयर इंडिया समेत कुछ कारोबारों में वित्तीय चुनौतियां भी सामने आईं।
बता दें टाटा संस की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में एन चंद्रशेखरन को कुल 158.66 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक मिला। यह FY25 में मिले 155.81 करोड़ रुपये से अधिक है और टाटा संस द्वारा कार्यकारी पारिश्रमिक का खुलासा शुरू करने के बाद उनका सबसे अधिक सालाना पेआउट है।
FY26 में उनके कुल पारिश्रमिक में 17.97 करोड़ रुपये सैलरी और अन्य लाभ के रूप में मिले। वहीं, 140.69 करोड़ रुपये प्रॉफिट-लिंक्ड कमीशन था। यानी उनके कुल पे-पैकेज का बड़ा हिस्सा कमीशन से आया। साल 2021-2022 में उन्हें 109 करोड़ रुपये का पैकेज मिला था और तब वे भारत में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले बिजनेस एग्जीक्यूटिव बन गए थे.
एन. चंद्रशेखरन की वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) की कमाई और पिछले पांच वर्षों के वित्तीय आंकड़ों की बात करें तो सालाना रिपोर्ट के अनुसार, एन. चंद्रशेखरन को वित्तीय वर्ष 2026 में कुल ₹158.66 करोड़ का भुगतान मिला जो कि FY25 के ₹155.81 करोड़ से अधिक है।
जिसमे ₹17.97 करोड़ की सैलरी और अन्य लाभ शामिल थे, जो FY25 के ₹15.12 करोड़ से 18% अधिक है। वहीं उनेक कुल कमाई का एक बड़ा हिस्सा मुनाफे से जुड़े कमीशन से आया, जो कि ₹140.69 करोड़ था। पिछले पांच वित्तीय वर्षों में उनकी कुल कमाई ₹685 करोड़ रही, जिसमें मुनाफे से जुड़ा कमीशन लगातार बढ़ता गया।
मीडिया रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि चंद्रशेखरन ने मुंबई के पेडर रोड इलाके में एक लग्जरी टावर में डुप्लेक्स फ्लैट खरीदा था। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 6,000 वर्गफीट के इस फ्लैट की कीमत लगभग 98 करोड़ रुपये बताई गई थी।
हालांकि, संपत्ति से जुड़ी ऐसी रिपोर्टों में दी गई कीमत और मौजूदा बाजार मूल्य अलग हो सकते हैं। इसलिए इसे उनकी कुल संपत्ति का सीधा प्रमाण नहीं माना जा सकता।
एन चंद्रशेखरन की कुल व्यक्तिगत संपत्ति का कोई आधिकारिक और सार्वजनिक रूप से प्रमाणित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। इसलिए उनकी नेटवर्थ को लेकर अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में अनमानित कुल संपत्ति करीब 100 से 150 मिलियन डॉलर यानी 950 करोड़ से 1,400 करोड़ रुपये तक बताई जाती है और अलग-अलग अनुमान मिलते हैं। ऐसे अनुमानों को आधिकारिक नेटवर्थ नहीं माना जा सकता।