TVK MLA Sinivasa Sethupathi: तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से पहले नया सियासी बखेड़ा शुरि हो गया है। टीवीके विधायक आर श्रीनिवास सेतुपति ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है जिसमें उनको किसी भी फ्लोर टेस्ट में मतदान करने से रोकने का आदेश दिया गया है। सेतुपति ने डीएमके नेता पेरियाकरुप्पन को एक वोट से चुनाव में हराया था।
बता दें कि सेतुपति के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने याचिका पर CJI की बेंच से जल्द सुनवाई करने की मांग की है। CJI सूर्यकांत ने उनके याचिका पर कल सुनवाई पर सहमति भी जताई है.
मालूम हो कि DMK नेता पेरियाकुरुप्पन की याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट ने आदेश दिया है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति ने DMK नेता पेरियाकुरुप्पन को एक वोट से मात दी थी। मद्रास HC ने अपने आदेश में कहा है कि पोस्टल बैलेट सहित वोटिंग के सभी रिकॉर्ड संभालकर रखे जाएं। वहीं, हाईकोर्ट मे मुख्य याचिका पर 20 मई को सुनवाई होगी। साथ ही हाईकोर्ट ने TVK के जीतने वाले उम्मीदवार श्रीनिवास सेतुपति को इस मामले की सुनवाई होने तक सदन में वोट देने से रोक दिया है।
मद्रास हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि ये आदेश सेतुपति की जीत को रद्द करने के लिए नहीं है, केवल मामले की पूरी सुनवाई के लिए है। हाल ही में खत्म हुए चुनाव में डीएमके की तरफ से पूर्व मंत्री के.आर. पेरियाकरुप्पन ने शिवगंगा जिले की तिरुप्पत्तूर विधानसभा सीट पर उम्मीदवार थे. उनके विरोधी टीवीके उम्मीदवार श्रीनिवास सेतुपति ने 83,365 वोट पाकर जीत दर्ज की। वहीं, पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट मिले और इस तरह सेतुपति सिर्फ एक वोट के अंतर से विजयी घोषित हुए।
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चुनावी नतीजे के बाद पेरियाकरुप्पन ने अदालत का रुख किया और याचिका दायर कर मतों की पुनर्गणना कराने और श्रीनिवास सेतुपति को विधायक पद ग्रहण करने से रोकने का अंतरिम आदेश जारी करने की मांग की। उन्होंने याचिका में अंतरिम राहत के तौर पर ये भी मांग की है कि शिवगंगा जिले की तिरुप्पत्तूर विधानसभा सीट से कथित तौर पर तिरुपत्तूर जिले की तिरुप्पत्तूर सीट पर भेजे गए डाक मतपत्रों को वापस मंगाया जाए।