डी के शिवकुमार (सोर्स सोशल मीडिया) 
देश

मेकेदातु परियोजना पर कर्नाटक का बड़ा दावा, तमिलनाडु के हिस्से का पानी नहीं होगा प्रभावित

Cauvery River Dispute: कर्नाटक सरकार ने कावेरी नदी पर शुरू की गई मेकेदातु परियोजना को लेकर अपने पक्ष को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस परियोजना से तमिलनाडु के भाग के पानी पर कोई असर नही पड़ेगा।

वंदना शर्मा

Karnataka Mekedatu Project: कर्नाटक सरकार ने कावेरी नदी पर शुरू की गई मेकेदातु परियोजना को लेकर अपने पक्ष को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस परियोजना से तमिलनाडु के भाग के पानी पर कोई असर नही पड़ेगा। राज्य सरकार ने बताया कि इस परियोजना को पूरी तरह कर्नाटक की सीमा के भीतर बनाई जाएगी।

पेयजल जरूरतों को पूरा करना

सरकार ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मेकेदातु परियोजना के दूारा बेंगलुरू क्षेत्र की पेयजल की आवशयकतओं के लिए 4.75 टीएमसी पानी का इस्तेमाल किया जाएगा और साथ ही सामान्य साल में तमिलनाडु के लिए बिलीगुंडलु के सीमा बिंदु पर निर्धारित मासिक जल प्रवाह को सुनिश्चित किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य बेंगलुरू क्षेत्र की पेयजल जरूरतों को पूरा करना और तमिलनाडु के निर्धारित जलप्र्वाह को सुनिश्चित करना है।

हस्तक्षेप करने का अधिकार नही

बता दें कि तमिलनाडु को चुनौती देते हुए कर्नाटक सरकार ने वर्ष 2018 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। लेकिन 13 नंवबर 2025 को इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि जल आयोग और कावेरी के जल प्रबंधन प्राधिकरण विशेषज्ञ संस्थांए है। अदालत ने यह भी कहा कि अभी इस मामले पर विचार कर रही है। किसी राज्य को दूसरे राज्य के आवंटित जल के उपयोग में हस्तक्षेप करने का अधिकार नही है।

संवाद का रास्ता खुला रखा है

रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक सरकार ने यह भी कहा कि संघीय ढांचे में हर राज्य को अपने हितों की रक्षा का अधिकार है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में मामला स्पष्ट होने के बाद तमिलनाडु की ओर से लगातार आपत्तियां उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है। हालांकि, राज्य सरकार ने संवाद का रास्ता खुला रखा है। कर्नाटक सरकार ने कहा कि यदि तमिलनाडु द्विपक्षीय वार्ता के लिए आगे आता है, तो मेकेदातु समेत लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान के लिए बातचीत की जाएगी। यह भी पढ़ों: पूर्व आतंकी कमांडर का बड़ा खुलासा, पाकिस्तानी आतंकियों की जेब से निकले ‘लव लेटर’ और कंडोम

कर्नाटक सरकार ने क्या कहा

कर्नाटक सरकार ने मीडिया से कहा कि सामान्य वर्ष में उसे तमिलनाडु को बिलीगुंडलु पर सालाना 177.25 टीएमसी पानी छोड़ना अनिवार्य है और इस व्यवस्था को लेकर कोई खतरा नहीं है। 18 जून 2026 तक जून महीने में 2.068 टीएमसी पानी का प्रवाह दर्ज किया गया है। सरकार ने कहा कि मेकेदातु परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पहले ही केंद्रीय जल आयोग को सौंप दी गई है और आयोग के विभिन्न विभाग इसकी जांच कर रहे हैं। कर्नाटक इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

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