पूर्व आतंकी कमांडर का बड़ा खुलासा, पाकिस्तानी आतंकियों की जेब से निकले 'लव लेटर' और कंडोम

Terrorism in Kashmir: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए काम कर चुके मुश्ताक अहमद भट ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। उन्होंने पाकिस्तानी आतंकियों पर शोषण के आरोप लगाए हैं।
Former terrorist Commander On Kashmir Terrorism Love Letters and condoms found With Pakistani Terrorists
पूर्व आतंकी कमांडर मुश्ताक अहमद भट (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Former Terrorist Commander Mushtaq Ahmed Bhat Statement On Terrorism: कश्मीर में आतंकवाद के इतिहास से जुड़े कई विवादित और संवेदनशील मुद्दों पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। पूर्व आतंकी और बाद में भारतीय सेना के लिए अंडरकवर ऑपरेटिव के रूप में काम कर चुके मुश्ताक अहमद भट ने एक हालिया पॉडकास्ट इंटरव्यू में पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

पॉडकास्ट में रखे गए दावे

एक लोकप्रिय पॉडकास्ट कार्यक्रम में बातचीत के दौरान मुश्ताक अहमद भट ने दावा किया कि घाटी में सक्रिय रहे कुछ विदेशी और पाकिस्तानी आतंकियों की मुठभेड़ों के बाद तलाशी में कथित तौर पर प्रेम पत्र और अन्य निजी सामग्री बरामद हुई थी। उनके अनुसार, इन पत्रों का इस्तेमाल स्थानीय युवतियों के साथ संबंध बनाने के लिए किया जाता था।

स्थानीय युवतियों को निशाना बनाने का आरोप

मुश्ताक ने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी आतंकी स्थानीय परिवारों में शरण लेने के दौरान युवतियों के साथ नजदीकियां बढ़ाते थे। उन्होंने दावा किया कि कई मामलों में प्रेम संबंधों और कथित शादियों के जरिए स्थानीय महिलाओं को प्रभावित किया गया, जिसके सामाजिक परिणाम लंबे समय तक देखने को मिले।

सुरक्षा एजेंसियों की जांच और बरामदगी के दावे

पूर्व ऑपरेटिव ने यह भी कहा कि विभिन्न अभियानों के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को आतंकियों के पास से ऐसे सामान मिले, जिनसे उनके घोषित उद्देश्यों और वास्तविक गतिविधियों के बीच विरोधाभास दिखाई देता था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

आतंकवाद के नैरेटिव पर बहस

मुश्ताक अहमद भट के इन दावों ने आतंकवाद के पीछे की मानसिकता, भर्ती प्रक्रिया और स्थानीय समाज पर उसके प्रभाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उनका कहना है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को धार्मिक और वैचारिक संघर्ष के रूप में प्रस्तुत किया गया, जबकि जमीनी स्तर पर इसके कई अन्य पहलू भी सामने आए।

इंटरव्यू में मुश्ताक ने कश्मीर के युवाओं से आतंकवाद और कट्टरपंथी प्रचार से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिंसा और आतंकवाद का सबसे अधिक नुकसान स्थानीय समाज और युवाओं को ही उठाना पड़ता है।

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