BJP Congress Caste Census Row: जातिगत जनगणना की रिपोर्ट को लेकर कर्नाटक में एक बार फिर से सियासत तेज हो गई है। राज्य में प्रमुख विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने कर्नाटक सरकार से विधानसभा में जाति जनगणना रिपोर्ट पेश करने के साथ-साथ सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है।
इस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए बीजेपी को अपने शासित राज्यों में जाति जनगणना कराने की चुनौती दे डाली। कर्नाटक सरकार की मानें तो जाति जनगणना रिपोर्ट पर कैबिनेट में चर्चा होने के बाद ही कोई भी फैसला लिया जाएगा।
जाति जनगणना पर भाजपा की मांग पर कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने पलटवार किया है। खरगे ने बताया कि जाति जनगणना पर रिपोर्ट अभी कैबिनेट के सामने नहीं आई है। जब यह आ जाएगी, तो सरकार इस पर चर्चा करेगी और फैसला लेगी। भाजपा पर निशाना साधते हुए प्रियांक ने कहा कि BJP इस मुद्दे को लेकर इतनी बेचैन क्यों है? कर्नाटक को सलाह देने से पहले, BJP-शासित राज्यों जैसे गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में जाति सर्वेक्षण करवाएं।
बीजेपी ने जाति सर्वेक्षण में हुए खर्च को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। विधायक वी सुनील कुमार और बीजेपी कर्नाटक के प्रदेश महासचिव ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सर्वेक्षण में अब तक करीब 450 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। उन्होंने इस पर विधानसभा में खुली चर्चा के लिए की मांग की। बीजेपी का कहना है कि प्रदेश में सामाजिक-शैक्षणिक सर्वेक्षण पर प्रदेश सरकार को रुख स्पष्ट कर देना चाहिए।
बता दें सरकार द्वारा तैयार की गई यह रिपोर्ट प्रदेश के विभिन्न पिछड़े और सामाजिक वर्गों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का पता लगाने के लिए तैयार की गई है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मई में ही पद छोड़ने के समय तत्कालीन पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष मधुसूदन नायक से रिपोर्ट प्राप्त की थी। इसे उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर साझा भी किया था।
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बीजेपी नेता आर. अशोक के द्वारा राज्य में सूखे और बाढ़ से प्रभावित किसानों के कृषि ऋण माफी की मांग पर भी कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह बात उन्हें प्रधानमंत्री से पूछना चाहिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री, केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार ही जमीनी रिपोर्ट और डेटा का आकलन करने के बाद ही सूखा प्रभावित क्षेत्रों की घोषणा करेंगे।