Ramdev Statement: बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत और योगगुरु रामदेव के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। कंगना की हालिया टिप्पणी पर रामदेव ने पलटवार करते हुए कहा कि वह विवाद को बढ़ाना नहीं चाहते और ‘ओछे लोगों’ के बारे में टिप्पणी नहीं करना चाहते।
इससे पहले दोनों के बीच Gen-Z को लेकर भी बयानबाजी हो चुकी है। रामदेव ने कंगना के ‘गटर जनरेशन’ वाले बयान पर सवाल उठाया था, जिसके जवाब में कंगना ने उन पर तीखा तंज कसा था। अब रामदेव के नए बयान से यह विवाद फिर सुर्खियों में आ गया है।
कंगना रनौत की टिप्पणी पर रविवार को योगगुरु रामदेव ने प्रतिक्रिया दी। उनसे जब इस बयान को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने विवाद को आगे बढ़ाने से इनकार करते हुए कहा, 'क्या बोलूं मैं अभी, विवाद को बढ़ाना नहीं चाहता।
स्वामी रामदेव क्या है, ये देश जानता है। स्वामी रामदेव का योगदान क्या है, ये देश जानता है। इसलिए मैं ओछे लोगों के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।'
रामदेव ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि संतों ने इस पहल को अपना आशीर्वाद दिया है। रामदेव के मुताबिक, एक देश, एक चुनाव लागू होने से शिक्षा व्यवस्था में भी सुधार हो सकता है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसा लगता है कि देश में सालभर चुनाव का माहौल बना रहता है, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं।
उन्होंने दावा किया कि एक साथ चुनाव होने से देश विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ेगा। साथ ही, उन्होंने इसे लोकतंत्र को मजबूत करने वाली पहल बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी सुधारों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
योगगुरु रामदेव ने ब्राह्मण समुदाय के सम्मान को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर SC/ST समुदाय के किसी व्यक्ति का अपमान करना संविधान के खिलाफ माना जाता है, तो ब्राह्मण का अपमान भी संविधान के खिलाफ होना चाहिए।
रामदेव ने कहा कि समाज में छात्रों, मरीजों, सैनिकों, किसानों, SC/ST समुदाय के लोगों और ब्राह्मणों समेत कई वर्गों के साथ अन्याय की शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने कहा, 'अगर SC/ST व्यक्ति का अपमान संविधान के खिलाफ है, तो ब्राह्मण का अपमान भी संविधान के खिलाफ है।'