नई दिल्ली: भारत ने तुर्की और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर स्पष्ट संदेश देते हुए कड़े शब्दों में कहा है कि द्विपक्षीय संबंध तभी मजबूत हो सकते हैं जब दोनों देश एक-दूसरे की चिंताओं को समझें। विदेश मंत्रालय ने कहा कि तुर्की को पाकिस्तान से अपील करनी चाहिए कि वह सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद करे। वहीं अफगानिस्तान के साथ भारत के रिश्तों पर फैलाई जा रही अफवाहों को भी भारत ने खारिज किया है। विदेश मंत्री की अफगान समकक्ष से फोन पर बातचीत के बाद यह बात स्पष्ट हुई कि भारत और अफगानिस्तान के बीच कोई मतभेद नहीं है।
भारत ने साफ किया है कि जो देश आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेनकाब करना जरूरी है। सात सदस्यीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की विदेशी यात्रा का मकसद दुनिया को यह संदेश देना है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही भारत ने कहा है कि पाकिस्तान से सिर्फ PoK की वापसी पर ही बातचीत संभव है, आतंकवाद और व्यापार एक साथ नहीं चल सकते।
तुर्की और पाकिस्तान को लेकर भारत का रुख स्पष्ट
विदेश मंत्रालय ने कहा कि तुर्की को चाहिए कि वह पाकिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग करे। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि रिश्ते आपसी संवेदनशीलता और भरोसे पर टिके होते हैं, और जब एक देश आतंकवाद का समर्थन करता है तो दूसरा उसकी अनदेखी नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि सेलेबी मामले में तुर्की दूतावास से चर्चा की गई थी, लेकिन फैसला नागरिक उड्डयन सुरक्षा विभाग द्वारा लिया गया था।
अफगानिस्तान से रिश्तों पर फैलाई जा रही अफवाहों का जवाब
भारत ने अफगानिस्तान के साथ किसी भी मतभेद की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्री और अफगान विदेश मंत्री के बीच हुई बातचीत में आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया गया। अफगान मंत्री ने हालिया पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की, जिस पर भारत ने उनका आभार जताया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अफवाहें भारत-अफगान रिश्तों को कमजोर नहीं कर सकतीं।