देश में पहली बार वायुसेना के MI-17 हेलीकॉप्टर से हुई बाघिन की शिफ्टिंग, फोटो- सोशल मीडिया 
देश

देश में पहली बार वायुसेना के MI-17 हेलीकॉप्टर से हुई बाघिन की शिफ्टिंग, पेंच से राजस्थान तक एयरलिफ्ट

IAF MI-17 Tiger Transport: वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में पहली बार एमपी के पेंच से एक बाघिन को वायुसेना के हेलीकॉप्टर द्वारा राजस्थान भेजा गया है, ताकि वहां बाघों के जीन पूल में सुधार हो सके।

प्रतीक पाण्डेय

Pench Tigress Relocation: भारत में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ गया है। मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व की तीन वर्षीय बाघिन (PN-224) को भारतीय वायुसेना के MI-17 हेलीकॉप्टर के जरिए राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व भेजा गया है। यह देश का पहला अंतरराज्यीय हवाई टाइगर ट्रांसलोकेशन है।

देश में पहली बार बाघ का हवाई स्थानांतरण भारतीय वन्यजीव इतिहास में यह पहली बार है जब किसी बाघ को एक राज्य से दूसरे राज्य भेजने के लिए हवाई मार्ग और वायुसेना के हेलीकॉप्टर का सहारा लिया गया है। रविवार को 24 दिनों से चल रहे इस जटिल ऑपरेशन को आखिरकार सफलता मिल गई। पेंच टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के अनुसार, इस 3 वर्षीय बाघिन को राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में छोड़ा जाएगा, जहां वह एक नए परिवेश में अपना कुनबा बढ़ाएगी।

राजस्थान क्यों किया गया शिफ्ट?

राजस्थान में 'इन-ब्रीडिंग' की समस्या का समाधान इस महत्वपूर्ण शिफ्टिंग के पीछे एक बड़ा वैज्ञानिक कारण है। दरअसल, राजस्थान में मौजूद लगभग सभी बाघ एक ही जीन पूल के हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि एक ही वंश के बाघों के बीच प्रजनन से 'इन-ब्रीडिंग स्ट्रेस' पैदा होता है, जिससे आने वाली नस्लों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। पेंच टाइगर रिजर्व से अलग जीन पूल की बाघिन को वहां भेजने का मकसद इसी समस्या को दूर करना है ताकि राजस्थान में बाघों की भविष्य की पीढ़ियां स्वस्थ और मजबूत हों।

चुनौतियों से भरा रहा 24 दिनों का सफर

इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत 28 नवंबर को हुई थी। सबसे पहले बाघिन PN-224 की पहचान की गई और जंगल में 50 कैमरे लगाकर उसे ट्रैक किया गया। इसके लिए राजस्थान से भी एक विशेष टीम सिवनी पहुंची थी। मिशन के दौरान 5 दिसंबर को बाघिन को पहली बार ट्रैंक्युलाइज कर रेडियो कॉलर पहनाया गया था, लेकिन चालाक बाघिन ने अगले ही दिन कॉलर निकाल दिया। इसके बाद फिर से ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग की गई और अंततः रविवार को उसे सुरक्षित रूप से ट्रैंक्युलाइज कर हेलीकॉप्टर तक पहुंचाया गया।

विशेषज्ञों की देखरेख में पूरा हुआ मिशन

बाघिन की इस हवाई यात्रा के दौरान विशेषज्ञों की एक टीम लगातार उसके साथ मौजूद है। मिशन का नेतृत्व आईएफएस (IFS) गुरलीन कौर कर रही हैं। उनके साथ पेंच के प्रसिद्ध वेट्रिनरी डॉक्टर अखिलेश मिश्रा समेत चार वरिष्ठ अधिकारी भी राजस्थान गए हैं। पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह के अनुसार, यह ऐतिहासिक कदम न केवल राजस्थान में बाघों के कुनबे को स्वस्थ बनाएगा, बल्कि भविष्य के संरक्षण मिशनों के लिए एक नई राह भी दिखाएगा।

ओम बिरला ने दी बधाई

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बधाई दी। उन्होंने लिखा, "कोटा-बून्दी सहित पूरे प्रदेश के लिए आज का दिन वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हो रहा है। मध्यप्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से बाघिन का वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर के माध्यम से जयपुर तक हवाई स्थानांतरण किया गया है। यह पहल संरक्षण के क्षेत्र में एक नया अध्याय है, जिससे बून्दी के रामगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या और जैव विविधता को मजबूत आधार मिलेगा।"

अलनीनो के कहर से देश के 282 जिलों में सूखे का खतरा, महाराष्ट्र और कर्नाटक होंगे सबसे अधिक प्रभावित

Jantar Mantar Protest LIVE: SIR को लेकर हंगामा, सौरभ भारद्वाज हिरासत में

1 जीरा, 2 अजवाइन, मर्द जात दो रिजाइन, जंतर-मंतर से DU तक नारों की धूम, दिल्ली के प्रोटेस्ट ने खींचा सबका ध्यान

Captain Smit Machchhar: पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित से की बात, बताया हमले के दौरान हिम्मत कहां से मिली

AAP नेता सौरभ भारद्वाज हिरासत में, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में पहुंचे थे जंतर-मंतर