ममता बनर्जी, फोटो- सोशल मीडिया 
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'ममता बनर्जी ने भड़काऊ भाषण और धमकियों से बाधित की चुनाव प्रक्रिया', SC में चुनाव आयोग ने लगाए गंभीर आरोप

West Bengal Election Threats: चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए। आयोग का कहना है कि बंगाल में अधिकारियों को डराया जा रहा है और गलत जानकारी फैलाई जा रही।

प्रतीक पाण्डेय

Election Commission vs Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया और एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच टकराव अब देश की शीर्ष अदालत पहुँच गया है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में ममता बनर्जी पर भड़काऊ भाषण देने, गलत जानकारी फैलाने और चुनाव अधिकारियों को सीधे तौर पर धमकाने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।

चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी कड़ी आलोचना दर्ज कराते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से भड़काऊ भाषण दिए हैं। आयोग के अनुसार, मुख्यमंत्री ने डर का माहौल बनाने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की और जनता के बीच भ्रामक व गलत जानकारी साझा की। इन गतिविधियों के कारण पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया बाधित हुई है और निष्पक्ष चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

अधिकारियों में डर का माहौल और इस्तीफे की नौबत

हलफनामे में आयोग ने स्पष्ट किया है कि अन्य राज्यों की तुलना में पश्चिम बंगाल में चुनावी कामकाज में बहुत अधिक धमकियां और बाधाएं आ रही हैं। ममता बनर्जी के बयानों के कारण जमीनी स्तर पर काम करने वाले बीएलओ और अन्य अधिकारियों को न केवल दिक्कतों का सामना करना पड़ा है, बल्कि उन पर हमले भी हुए हैं। इस डर और सुरक्षा की चिंता के कारण कई अधिकारियों ने मिलकर अपना इस्तीफा भी पेश किया था। अधिकारियों का कहना था कि वे सुरक्षा कारणों से अपने पद पर बने रहने में असमर्थ हैं।

बंगाल की पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल

चुनाव आयोग ने राज्य की पुलिस कार्यप्रणाली पर भी उंगली उठाई है। आयोग ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस बीएलओ की शिकायतों पर एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी कर रही है। हलफनामे के अनुसार, राज्य में ईसीआई अधिकारियों के खिलाफ हिंसा और धमकियों का एक ऐसा माहौल तैयार हो गया है, जहाँ आधिकारिक शिकायतों पर भी कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही है। आयोग ने इसे सीधे तौर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने वाला प्रयास बताया है।

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अधिकारियों को सीधे निशाना बनाने का दावा

आयोग ने कोर्ट को बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने बयानों के जरिए सीधे तौर पर चुनाव अधिकारियों को निशाना बनाया है। हलफनामे में कहा गया है कि लोगों को चुनाव प्रक्रिया के प्रति गलत जानकारी देकर भड़काया जा रहा है, जिससे अधिकारियों के मन में काम करने के प्रति भय व्याप्त हो गया है। चुनाव आयोग का यह हलफनामा बंगाल की वर्तमान चुनावी और प्रशासनिक स्थिति पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

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