केजरीवाल-हेमंत सोरेन, ED अधिकारी कपिल राज 
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केजरीवाल-हेमंत सोरेन को अरेस्ट करने वाले ED अफसर का अचानक इस्तीफा, जानें वजह

ED Officer Kapil Raj Resignation: देश के दो मौजूदा मुख्यमंत्रियों की गिरफ्तारी करने वाले प्रवर्तन निदेशालय (ED) के तेजतर्रार अधिकारी कपिल राज ने अचानक 16 वर्षों की सरकारी सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया।

अर्पित शुक्ला

ED Officer Kapil Raj Resignation: देश के दो मौजूदा मुख्यमंत्रियों को अरेस्ट करने जैसी हाई-प्रोफाइल कार्रवाई की निगरानी करने वाले प्रवर्तन निदेशालय (ED) के तेजतर्रार अधिकारी ने इस्तीफा दे दिया। ईडी अधिकारी कपिल राज ने अचानक 16 सालों की सरकारी सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने न सिर्फ संवेदनशील राजनीतिक मामलों की जांच का नेतृत्व किया, बल्कि उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग जैसे जटिल मामलों में एजेंसी की रणनीति को भी दिशा दिखाई।

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कपिल के इस्तीफे को मंज़ूर कर लिया गया है। जो 17 जुलाई से प्रभावी है। कपिल राज का ये फैसला ऐसे वक्त में आया है जब भ्रष्टाचार और सत्ता में पारदर्शिता को लेकर पूरे देश में बहस चल रही है।

क्यों छोड़ा पद?

2009 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी रह चुके कपिल राज 45 वर्ष के हैं। उनके करीबियों के मुताबिक, उन्होंने निजी कारणों की वजह से सेवा से त्यागपत्र दिया है, वहीं उनकी सेवानिवृत्ति में अभी करीब 15 साल शेष थे। राज ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) में करीब आठ साल तक सेवाएं दीं और हाल ही में एजेंसी में अपना डेपुटेशन कार्यकाल पूरा किया। इस्तीफे से पहले वो दिल्ली स्थित जीएसटी इंटेलिजेंस विंग में एडिशनल कमिश्नर के पद पर तैनात थे।

दो मुख्यमंत्रियों की गिरफ्तारी के गवाह रहे कपिल

बता दें कि जनवरी 2024 में कपिल राज ने कथित जमीन घोटाले में झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की हुई गिरफ्तारी की निगरानी की थी। रेस्ट से ठीक पहले सोरेन ने रांची स्थित राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात कर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इस दौरान कपिल राज भी वहां पर मौजूद थे और मीटिंग के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने उनको गिरफ्तार कर लिया था।

इसके कुछ ही महीने बाद, मार्च 2024 में, दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के फ्लैग स्टाफ रोड स्थित सरकारी आवास पर ED की रेड के दौरान भी कपिल राज उपस्थित थे। सके बाद 21 मार्च को केजरीवाल की गिरफ्तारी के वक्त राज मौके पर मौजूद थे और गिरफ्तारी मेमो तैयार करने तथा उसे सौंपने की निगरानी कर रहे थे।

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय में कपिल राज को राजनीतिक रूप से संवेदनशील, जटिल तथा हाई-प्रोफाइल मामलों के जांच विशेषज्ञ के रुप में जाना जाता था।

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