सांकेतिक फोटो सोर्स- सोशल मीडिया
देश

दिवाली की सुबह जम्मू से जापान तक कांपी धरती! जापान में 5.7 और कश्मीर के बारामूला में 3.3 तीव्रता का भूकंप

Earthquake In Baramula And Japan: जापान के मध्य हिस्से में रविवार सुबह तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के कारण दुकानों के शीशे टूट गए। तो वहीं कश्मीर के बारामूला में 3.3 तीव्रता के भूकंप आए।

नितिन कुमार राय

Highlights

  • मध्य जापान में 5.7 तीव्रता के भूकंप से 22 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं।

  • सबसे तेज झटके आइची प्रान्त के चिता इलाके में महसूस किए गए।

  • जम्मू के बारामूला में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए

Earthquake In Japan: दिवाली की सुबह जापान में भूकंप ने लोगों की नींद उड़ा दी। मध्य जापान में रविवार तड़के 5.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप महसूस किया गया। सबसे तेज झटके आइची प्रान्त के चिता इलाके में महसूस किए गए। जापान मौसम एजेंसी के अनुसार, भूकंप शिजुओका प्रान्त के पश्चिमी हिस्से में करीब 40 किलोमीटर गहराई पर आया। इससे कम से कम 22 लोग घायल हो गए।

कई लोग गिरने या सिर टकराने से चोटिल हुए। दुकानों और कारोबारों में सामान अलमारियों से नीचे गिर गया, शीशे टूटे और कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचा। हाई-स्पीड शिंकानसेन ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं, कई रूटों पर गति कम कर दी गई या सेवाएं अस्थायी रूप से रोकी गईं। सुनामी का कोई खतरा नहीं था।

मौसम एजेंसी ने दी चेतावनी

जापान की मौसम एजेंसी ने लोगों को चेतावनी दी है कि आने वाले एक हफ्ते, खासकर अगले 2-3 दिनों में और भी तेज झटकों की संभावना है। नागरिकों से सतर्क रहने और तैयार रहने की अपील की गई है।

बारामूला में भूकंप के हल्के झटके  

रविवार के दिन सुबह जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में 3.3 तीव्रता का भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र  के अनुसार, यह सुबह करीब 5:23 बजे महसूस किया गया। गहराई करीब 20 किलोमीटर बताई गई। इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर नहीं है। कश्मीर घाटी में हल्के झटके महसूस किए गए, लेकिन स्थिति सामान्य रही। यह इस सप्ताह क्षेत्र में दूसरा भूकंप संबंधी घटनाक्रम है।

जापान में भूकंप के तेज झटके

जापान का भूकंप अपेक्षाकृत मजबूत था और शहरी इलाकों में नुकसान पहुंचा, जबकि बारामूला का झटका हल्का रहा। दोनों घटनाएं धरती की सक्रिय प्लेटों की याद दिलाती हैं। जापान भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है, जहां लगातार निगरानी रखी जाती है। कश्मीर भी भूकंपीय जोन में आता है, इसलिए सतर्कता जरूरी है।

भूकंप के दौरान रहे सतर्क

भूकंप आने पर शांत रहें, मजबूत मेज के नीचे या दीवार के पास सुरक्षित स्थान लें। गैस और बिजली के कनेक्शन जांचें। जापान में अधिकारी पहले से अलर्ट मोड में हैं, जबकि भारत में भी संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।धरती के ये झटके याद दिलाते हैं कि प्रकृति के सामने तैयार रहना कितना जरूरी है। दोनों जगहों पर राहत और निगरानी का काम जारी है।

दिवाली पर कैसा रहेगा आपके इलाके का मौसम, जानें पूर्वी भारत से दक्षिणी भारत तक का Weather Update

दीपावली की पूर्व शाम दिल्ली की हवा पिछले 10 सालों में सबसे खराब! आतिशबाजी के बाद हालात और बिगड़ने के आसार

PM Modi Diwali Special: आज PM मोदी जवानों संग मनाएंगे दिवाली, ये रहेगा कार्यक्रम का शेड्यूल

त्योहार के बीच कर्मचारियों ने खुद को जिंदा लाश बनाया, नौकरी की सुरक्षा के लिए डटे हैं कर्मचारी

पश्चिम रेलवे चलाएगी दो और स्पेशल ट्रेन, बांद्रा-खातीपुरा और उधना-बरौनी ट्रेन का शेड्यूल जारी; जानें किराया