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मध्य जापान में 5.7 तीव्रता के भूकंप से 22 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं।
सबसे तेज झटके आइची प्रान्त के चिता इलाके में महसूस किए गए।
जम्मू के बारामूला में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए
Earthquake In Japan: दिवाली की सुबह जापान में भूकंप ने लोगों की नींद उड़ा दी। मध्य जापान में रविवार तड़के 5.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप महसूस किया गया। सबसे तेज झटके आइची प्रान्त के चिता इलाके में महसूस किए गए। जापान मौसम एजेंसी के अनुसार, भूकंप शिजुओका प्रान्त के पश्चिमी हिस्से में करीब 40 किलोमीटर गहराई पर आया। इससे कम से कम 22 लोग घायल हो गए।
कई लोग गिरने या सिर टकराने से चोटिल हुए। दुकानों और कारोबारों में सामान अलमारियों से नीचे गिर गया, शीशे टूटे और कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचा। हाई-स्पीड शिंकानसेन ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं, कई रूटों पर गति कम कर दी गई या सेवाएं अस्थायी रूप से रोकी गईं। सुनामी का कोई खतरा नहीं था।
जापान की मौसम एजेंसी ने लोगों को चेतावनी दी है कि आने वाले एक हफ्ते, खासकर अगले 2-3 दिनों में और भी तेज झटकों की संभावना है। नागरिकों से सतर्क रहने और तैयार रहने की अपील की गई है।
रविवार के दिन सुबह जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में 3.3 तीव्रता का भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह सुबह करीब 5:23 बजे महसूस किया गया। गहराई करीब 20 किलोमीटर बताई गई। इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर नहीं है। कश्मीर घाटी में हल्के झटके महसूस किए गए, लेकिन स्थिति सामान्य रही। यह इस सप्ताह क्षेत्र में दूसरा भूकंप संबंधी घटनाक्रम है।
जापान का भूकंप अपेक्षाकृत मजबूत था और शहरी इलाकों में नुकसान पहुंचा, जबकि बारामूला का झटका हल्का रहा। दोनों घटनाएं धरती की सक्रिय प्लेटों की याद दिलाती हैं। जापान भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है, जहां लगातार निगरानी रखी जाती है। कश्मीर भी भूकंपीय जोन में आता है, इसलिए सतर्कता जरूरी है।
भूकंप आने पर शांत रहें, मजबूत मेज के नीचे या दीवार के पास सुरक्षित स्थान लें। गैस और बिजली के कनेक्शन जांचें। जापान में अधिकारी पहले से अलर्ट मोड में हैं, जबकि भारत में भी संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।धरती के ये झटके याद दिलाते हैं कि प्रकृति के सामने तैयार रहना कितना जरूरी है। दोनों जगहों पर राहत और निगरानी का काम जारी है।