

नागपुर में मंगलवार दोपहर अचानक महसूस किए गए भूकंप के झटके
ज़मीन की सतह से केवल आठ किलोमीटर की गहराई पर था केंद्र
रिक्टर स्केल पर 3.0 मापी गई भूकंप की तीव्रता, कोई नुकसान नहीं
Nagpur Earthquake Updates Today: महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर और उसके आसपास के मैदानी इलाकों में मंगलवार की दोपहर उस वक्त अचानक अफ़रातफ़री का माहौल बन गया, जब ज़मीन में एक अजीबोगरीब कंपन्न महसूस किया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोपहर के लगभग 3:20 बजे अचानक नागपुर शहर की शांत फ़िज़ा बदल गई और लोग किसी अनहोनी के डर से सिहर उठे।
रोज़ाना की तरह शांत दोपहर में अचानक एक अजीब हलचल शुरू हुई। घरों में रखी छतें, बर्तन, खिड़कियां और दरवाज़े तेज़ी से थरथराने लगे। उसी समय ज़मीन के नीचे से एक गड़गड़ाहट जैसी भारी आवाज सुनाई देने लगी। शुरुआत में स्थानीय लोगों को लगा कि शायद कोई बड़ा धमाका या फिर कोई भीषण हादसा घटित हो गया है। लेकिन लगातार इमारतों के हिलने से यह पूरी तरह साफ़ हो गया कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि भूकंप का ज़ोरदार झटका है।
जैसे ही ज़मीन कांपने लगी, नागपुर शहर के नागरिकों में भारी दहशत फैल गई। लोग अपने काम-काज को छोड़कर तुरंत अपने घरों, दुकानों और बहुमंजिला इमारतों से बाहर खुली सड़कों की तरफ बदहवास होकर भागने लगे। कुछ ही पलों के भीतर शहर की सोसायटियों, चौराहों और मुख्य सड़कों पर लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया। हर कोई घबराया हुआ था और एक-दूसरे से स्थिति का जायज़ा लेने में लगा था।
मामले की शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, नागपुर और उससे सटे क्षेत्रों में आए इस सौम्य भूकंप की तीव्रता रिश्टर स्केल पर 3.0 मापी गई है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस भूकंपीय घटना का केंद्रबिंदू ज़मीन की सतह से केवल 8 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। केंद्रबिंदू की गहराई काफ़ी कम होने की वजह से ही धरातल पर झटके का असर स्पष्ट महसूस हुआ।
हालांकि इस अचानक आए झटके ने कुछ समय के लिए पूरे नागपुर जिले में डर का माहौल बना दिया था, लेकिन सबसे राहत की बात यह रही कि इसमें किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या किसी बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं है। वर्तमान में नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी से इस घटना की आधिकारिक पुष्टि और रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है।