प्रतीकात्मक फोटो- सोशल मीडिया 
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चक्रवात 'मोंथा' का अलर्ट: आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट, NDRF-SDRF टीमें तैनात, समुद्री गतिविधियां बंद

Cyclone Montha: बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान 'मोंथा' के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश में सुरक्षा उपाय कड़े किए गए हैं। तटीय जिलों में 17 एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।

प्रतीक पाण्डेय

Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव वाला क्षेत्र अब एक तेज चक्रवाती तूफान 'मोंथा' में बदलने की संभावना है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने रेड अलर्ट जारी किया है। यह तूफान मंगलवार रात को काकीनाडा के पास तट से टकरा सकता है। आंध्र प्रदेश सरकार ने तटीय जिलों में बचाव और राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की हैं।

बंगाल की खाड़ी में निर्मित कम दबाव वाला क्षेत्र अब एक तेज चक्रवाती तूफान 'मोंथा' में तब्दील होने की आशंका है। भारत मौसम विभाग ने इसके चलते अधिकारियों को अधिक सतर्क रहने के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह चक्रवात मंगलवार रात को काकीनाडा के पास तट से टकरा सकता है।

चलेंगी तेज हवाएं, होगी भारी बारिश

इस दौरान हवा की गति 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है, जो कभी-कभी 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है। सोमवार और मंगलवार को तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। चक्रवात का असर श्रीकाकुलम से लेकर तिरुपति जिलों तक हो सकता है, जहाँ 100 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की जा सकती है।

आठ एनडीआरएफ और नौ एसडीआरएफ की टीमों ने संभाला मोर्चा

तूफान के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने सुरक्षा उपायों को कड़ा कर दिया है और 19 जिलों में विशेष अधिकारी नियुक्त किए हैं। आंध्र प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रकाश जैन ने बताया कि बचाव और राहत कार्यों के लिए राज्य के तटीय जिलों में कुल आठ एनडीआरएफ और नौ एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।

सीएम सीबी नायडू लागातार ले रहे हैं अपडेट

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को संपत्ति की सुरक्षा के लिए तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा है कि बिजली, पानी और अस्पताल सेवाओं जैसी आवश्यक सेवाओं को प्रभावित न होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिलों के कलेक्टरों को राहत उपायों की योजना बनानी चाहिए और जरूरत पड़ने पर स्कूल और कॉलेजों में छुट्टियां घोषित की जा सकती हैं। साथ ही, काकीनाडा में मोबाइल अस्पताल तैयार रखने का निर्देश दिया गया है।

सभी समुद्री गतिविधियां रोकी गईं

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, सभी समुद्री गतिविधियों और पर्यटन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। समुद्र में तेज लहरें उठने की संभावना के कारण मत्स्य पालन और नाव चलाने वाली सभी गतिविधियां रोक दी गई हैं। तटीय इलाकों में पर्यटकों के प्रवेश पर भी रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

26 से 29 तक सतर्कता बरतने की अपील

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जनता से अपील की है कि वे पानी के रास्ते 26 से 29 अक्टूबर तक किसी भी तरह की यात्रा करने से बचें। लोगों से सतर्क रहने और अपने सुरक्षित स्थानों पर रहने का आग्रह किया गया है। रविवार सुबह, इस कम दबाव क्षेत्र का केंद्र पोर्ट ब्लेयर से 610 किलोमीटर पश्चिम, चेन्नई से 850 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व और काकीनाडा से 840 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व स्थित था।

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