

Rahul Gandhi Remark on Satara Doctor Suicide: महाराष्ट्र के सतारा में एक होनहार महिला डॉक्टर संपदा मुंडे की आत्महत्या ने पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। बलात्कार और उत्पीड़न से तंग आकर डॉक्टर ने अपनी जान दे दी। इस दर्दनाक घटना पर अब सियासी बवाल मच गया है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर बीजेपी सरकार पर बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि 'संस्थागत हत्या' करार देते हुए न्याय की मांग की है।
यह दिल दहला देने वाला मामला सतारा के फलटण इलाके का है। डॉ. संपदा मुंडे ने सुसाइड से पहले एक नोट छोड़ा, जिसमें उन्होंने सीनियर अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए। सुसाइड नोट में पुलिस सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदने पर 4 बार रेप करने का आरोप लगाया गया है। इस सनसनीखेज आरोप के बाद आरोपी सब-इंस्पेक्टर ने सरेंडर कर दिया है। इसके अलावा, मृतका के मकान मालिक के बेटे प्रशांत बनकर का नाम भी नोट में है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
राहुल गांधी ने रविवार (26 अक्टूबर, 2025) को 'एक्स' पर पोस्ट कर इस घटना को किसी भी सभ्य समाज के लिए त्रासदी बताया। उन्होंने लिखा कि एक होनहार डॉक्टर बेटी, जो दूसरों का दर्द मिटाने की आकांक्षा रखती थी, भ्रष्ट सत्ता और तंत्र में बैठे अपराधियों की प्रताड़ना का शिकार बन गई। राहुल ने सीधा आरोप लगाया कि जिसे अपराधियों से जनता की रक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी, उसी ने इस मासूम के खिलाफ सबसे घिनौना अपराध किया और उसका बलात्कार व शोषण किया। उन्होंने रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए यह भी कहा कि बीजेपी से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों ने डॉक्टर संपदा पर भ्रष्टाचार का दबाव डालने की कोशिश भी की थी।
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि जब सत्ता ही अपराधियों की ढाल बन जाए, तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए? उन्होंने कहा कि डॉ. संपदा की मौत इस बीजेपी सरकार के अमानवीय और संवेदनहीन चेहरे को उजागर करती है। राहुल गांधी ने लिखा कि यह 'सत्ता संरक्षित आपराधिक विचारधारा' का सबसे घिनौना उदाहरण है। उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहने का भरोसा देते हुए कहा, "हम न्याय की इस लड़ाई में पीड़ित परिवार के साथ मज़बूती से खड़े हैं। भारत की हर बेटी के लिए - अब डर नहीं, न्याय चाहिए।"