नई दिल्ली घोषणापत्र जारी करते हुए PM मोदी Source- IANS
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BRICS Summit 2026: नई दिल्ली घोषणापत्र में क्या-क्या? पहलगाम से गाजा तक, 10 प्वाइंट्स में समझें पूरी बात

BRICS New Delhi Declaration Key Points: ब्रिक्स में नई दिल्ली घोषणा को मंजूरी मिली। इसमें ग्लोबल साउथ, UN सुधार, पहलगाम हमला, गाजा, आतंकवाद, WTO, AI और महिलाओं की भागीदारी पर जोर दिया गया।

अर्पित शुक्ला

BRICS summit New Delhi Declaration: नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों ने 2026 की नई दिल्ली घोषणा को मंजूरी दी। इसमें वैश्विक शासन, व्यापार, तकनीक, वित्त और महिलाओं की भागीदारी जैसे मुद्दे शामिल हैं।

BRICS देशों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय फैसलों में ग्लोबल साउथ की आवाज को और अधिक महत्व मिलना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष नेतृत्व में बेहतर भौगोलिक संतुलन और व्यापक प्रतिनिधित्व की मांग की गई। आइए सिलसिलेवार तरीके से समझाते हैं इस घोषणापत्र की 10 बड़ी बातें।

नई दिल्ली घोषणापत्र की 10 बड़ी बातें

  1. ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने पर जोर
    BRICS देशों ने अंतरराष्ट्रीय फैसलों में ग्लोबल साउथ की भूमिका बढ़ाने की मांग की। संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष नेतृत्व में बेहतर भौगोलिक संतुलन और व्यापक प्रतिनिधित्व की भी बात कही गई।

  2. महिला महासचिव की जरूरत पर जोर
    घोषणा में कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में अब तक कोई महिला महासचिव नहीं बनी है। BRICS ने वैश्विक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का समर्थन किया।

  3. पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा
    BRICS देशों ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की। हमले में 26 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने का जिक्र किया गया। 

  4. आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
    समूह ने आतंकवाद के सभी रूपों का विरोध किया और आतंकियों की सीमा पार आवाजाही, फंडिंग और सुरक्षित ठिकानों पर कार्रवाई की मांग की। आतंकवाद को किसी धर्म या समुदाय से जोड़ने का भी विरोध किया गया।

  5. पश्चिम एशिया में संवाद और कूटनीति पर जोर
    BRICS ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। समूह ने कहा कि स्थायी शांति का रास्ता संवाद और कूटनीति से ही निकल सकता है।

  6. गाजा और फिलिस्तीन के लिए दो-राष्ट्र समाधान
    BRICS ने गाजा में संघर्षविराम, मानवीय सहायता की निर्बाध पहुंच और नागरिकों की सुरक्षा की मांग की। समूह ने 1967 की सीमाओं के आधार पर स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य और पूर्वी येरुशलम को उसकी राजधानी बनाने का समर्थन किया।

  7. WTO और मुक्त व्यापार में सुधार की मांग
    BRICS ने विश्व व्यापार संगठन के सुधार और उसके विवाद निपटान तंत्र को प्रभावी बनाने का समर्थन किया। एकतरफा टैरिफ, व्यापार प्रतिबंधों और संरक्षणवादी नीतियों पर चिंता जताई गई।

  8. AI, साइबर सुरक्षा और वित्तीय सहयोग
    घोषणा में AI, क्वांटम तकनीक और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। गुजरात की GIFT City में BRICS Risk Lab स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा गया।

  9. शांति में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने की अपील
    BRICS ने संघर्ष रोकने, शांति वार्ता, मध्यस्थता और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। समूह के मुताबिक इससे शांति और विकास के प्रयास मजबूत होंगे।

  10. फेक न्यूज और दुष्प्रचार की निंदा
    BRICS देशों ने नस्लवाद, नफरत फैलाने वाली भाषा, फेक न्यूज और दुष्प्रचार की निंदा की। समूह ने बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और जिम्मेदार वैश्विक सहयोग का समर्थन किया।

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