NIA Action In Jammu And Kashmir: राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सीमापार से रची गई कथित आतंकी साजिश की जांच के सिलसिले में कश्मीर क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में छापेमारी की है। ये कार्रवाई कुलगाम, बांदीपोरा और बारामूला जिलों में हुई है। एजेंसी ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया है। जांच एजेंसी की यह कार्रवाई जकूरा पुलिस स्टेशन में दर्ज मुकदमे से जुड़ी है।
जानकारी के अनुसार, NIA ने कश्मीर में सात जगहों पर शनिवार सुबह तलाशी अभियान शुरू किया। कुलगाम जिले में दो, बांदीपोरा में तीन और बारामूला के सोपोर में 2 ठिकानों की तलाशी ली गई है। यह तलाशी सीमापार से रची गई कथित आतंकी साजिश की जांच का हिस्सा है, जिसमें पाकिस्तान में बैठे हैंडलर और स्थानीय 'ओवर ग्राउंड वर्कर' शामिल थे। ओवर ग्राउंड वर्कर पर घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों की मदद करने का संदेह है।
जांच एजेंसी की यह कार्रवाई जकूरा पुलिस स्टेशन में दर्ज मुकदमे से जुड़ी है। जिसे बाद एनआईए ने फिर से मामला रजिस्टर किया था। तलाशी अभियान के दौरान एनआईए की टीमों को स्थानीय पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की टीमें मौजूद रहीं। इसी से जुड़े मामले में एनआईए ने 22 अगस्त को भी जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, कुपवाड़ा, अनंतनाग, पुलवामा और बडगाम में 10 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था।
यह मामला 31 मार्च की देर रात नाके पर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से कथित रूप से जुड़े एक अवैध आतंकवादी की गिरफ्तारी के बाद शुरू किया गया था, जिसके पास से एक हथगोला और जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। जांच के दौरान, इस साजिश से कथित रूप से जुड़े पाकिस्तानी आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान स्थानीय द्वारा आतंकी को मदद करने वाले सदस्यों की पहचान और उनकी कथित भूमिकाओं का भी पता लगाया गया है।
जांच एजेंसी द्वारा पूछताछ में पता चला है कि पाकिस्तानी हैंडलर और स्थानीय सहयोगियों के बीच कथित तौर पर संबंध थे। जिनका इस्तेमाल संचार, रसद व्यवस्था, आतंकवादियों की आवाजाही और छुपने, आश्रय देने, जासूसी और अन्य प्रकार की सहायता के लिए किया जा रहा था। जांच में पैसे की लेन-देन, संचार माध्यम, आरोपियों की आवाजाही और हथियारों और विस्फोटकों के स्रोत की भी पड़ताल की जा रही है।