Shabana Azmi Birthday Special: बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा शबाना आजमी और जाने-माने गीतकार जावेद अख्तर की जोड़ी हिंदी सिनेमा की सबसे मजबूत और चर्चित जोड़ियों में गिनी जाती है। हालांकि, आज जो रिश्ता बेहद खूबसूरत नजर आता है, उसकी शुरुआत और राह बिल्कुल भी आसान नहीं थी। दोनों की पहली मुलाकात किसी फिल्म सेट पर नहीं, बल्कि शबाना के पिता और प्रसिद्ध शायर कैफी आजमी के घर पर हुई थी। उस दौर में जावेद अख्तर उर्दू शायरी के सिलसिले में कैफी साहब से मिलने आया करते थे और यहीं से उनके बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ।
दिलचस्प बात यह है कि शबाना आजमी शुरुआत में जावेद अख्तर को बिल्कुल पसंद नहीं करती थीं। उन्हें लगता था कि सलीम-जावेद की जोड़ी बहुत घमंडी है। यही वजह थी कि जब भी जावेद उनके घर आते, शबाना उनसे दूरी बनाकर रखती थीं। हालांकि, वक्त के साथ शबाना की यह धारणा बदली। जावेद अख्तर का बात करने का तरीका, उनका सेंस ऑफ ह्यूमर और दुनिया को देखने का उनका खास नजरिया शबाना को धीरे-धीरे उनका दीवाना बनाता चला गया।
इस प्रेम कहानी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब दोनों को अपने प्यार का अहसास हुआ। उस समय जावेद अख्तर पहले से शादीशुदा थे और उनकी पहली पत्नी हनी ईरानी से उनके दो बच्चे, फरहान अख्तर और जोया अख्तर थे। इसी वजह से शबाना का परिवार और उनके पिता कैफी आजमी इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। शबाना ने एक इंटरव्यू में माना था कि वह दौर उनके लिए बेहद कठिन था। शुभचिंतक उन्हें इस रिश्ते से पीछे हटने की सलाह दे रहे थे, लेकिन शबाना ने उस वक्त खामोश रहना ही बेहतर समझा।
कैफी आजमी और उनकी पत्नी शौकत आजमी इस शादी के खिलाफ इसलिए थे, क्योंकि वे अपनी बेटी का घर किसी का बसा-बसाया संसार उजाड़कर नहीं बसाना चाहते थे। शबाना ने अपने पिता को यह समझाने की काफी कोशिश की कि जावेद और हनी के रिश्ते में जो दूरियां आई थीं, उनके पीछे वह वजह नहीं थीं। इतना ही नहीं, समाज और आसपास के लोगों ने भी शबाना को चेतावनी दी थी कि जावेद उन्हें आगे चलकर धोखा दे सकते हैं। लेकिन दोनों ने इन सभी कयासों को किनारे रख दिया।
तमाम सामाजिक दबावों और पारिवारिक विरोध को पार करते हुए शबाना और जावेद ने 9 दिसंबर 1984 को शादी कर ली। शादी के बाद शबाना ने जावेद की पहली पत्नी हनी ईरानी के समझदार रवैये की हमेशा तारीफ की। हनी ने कभी भी फरहान और जोया के मन में शबाना के प्रति जहर नहीं घोला। इसी वजह से समय के साथ शबाना का फरहान और जोया के साथ एक बहुत ही गहरा, सहज और मजबूत रिश्ता कायम हो सका।
शबाना आजमी का मानना है कि उनके और जावेद के बीच विचार, संस्कृति और सोच की इतनी समानताएं हैं कि उनकी शादी किसी अरेंज्ड मैरिज जैसी लगती है। 1984 में बंधा यह बंधन 2025 में अपने 41 साल पूरे कर चुका है। तमाम विरोधों, सामाजिक तानों और उलझनों को सुलझाकर जिस तरह इस रिश्ते ने मिसाल कायम की है, वही वजह है कि शबाना और जावेद की यह लव स्टोरी आज भी बॉलीवुड की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में याद की जाती है।