Rajinikanth Political Reaction: दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार रजनीकांत एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। बुधवार को चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अभिनेता ने आलोचना और जनधारणा को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। हालांकि कार्यक्रम उनकी आगामी फिल्म ‘थर्मन’ के टाइटल और फर्स्ट-लुक पोस्टर लॉन्च के लिए आयोजित किया गया था।
रजनीकांत ने कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को अक्सर विरोधाभासी प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर हम चुप रहते हैं तो लोग पूछते हैं कि हम बोलते क्यों नहीं। जब हम बोलना शुरू करते हैं तो कहते हैं कि बोलते रहिए और जब लगातार बोलते हैं तो वही लोग कहते हैं कि चुप ही रहना चाहिए था। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग हमें पसंद नहीं करते, वे चाहे हम कुछ भी कर लें, हमें पसंद नहीं करेंगे।
रजनीकांत के इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में राज्य की राजनीति में नेताओं की सार्वजनिक संवाद शैली और बयानों को लेकर काफी बहस देखने को मिली है। ऐसे में अभिनेता की टिप्पणी को कुछ लोग मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि कई विशेषज्ञों का मानना है कि रजनीकांत ने केवल सार्वजनिक जीवन में आलोचनाओं और दबावों से निपटने को लेकर अपने व्यक्तिगत विचार साझा किए हैं। यह पहली बार नहीं है जब रजनीकांत का कोई बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बना हो। इससे पहले भी विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने युवाओं को फिल्मी सितारों का अंधानुकरण न करने की सलाह दी थी, जिसके बाद उनके बयान के कई राजनीतिक अर्थ निकाले गए थे।
रजनीकांत की 173वीं फिल्म ‘थर्मन’ का निर्देशन अश्वथ मारिमुथु कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण कमल हासन के बैनर के तहत किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म में कई बड़े कलाकार नजर आ सकते हैं, जबकि संगीत की जिम्मेदारी अनिरुद्ध रविचंदर संभाल रहे हैं। फिल्म की घोषणा ने प्रशंसकों का उत्साह बढ़ाया है, लेकिन फिलहाल सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में सबसे ज्यादा चर्चा रजनीकांत के उसी बयान की हो रही है।