Amitabh Bachchan KBC 18: अमिताभ बच्चन इन दिनों क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ को होस्ट कर रहे हैं। शो के दौरान बिग बी अक्सर अपने करियर और जिंदगी से जुड़े पुराने किस्से साझा करते नजर आते हैं। हालिया बातचीत में उन्होंने कोलकाता की मशहूर पार्क स्ट्रीट का जिक्र करते हुए वहां की पुरानी नाइटलाइफ और लाइव म्यूजिक कल्चर को याद किया। अमिताभ बच्चन ने बताया कि उस दौर में पार्क स्ट्रीट उनके लिए रात के मनोरंजन का खास ठिकाना हुआ करती थी।
कंटेस्टेंट शौर्ज्य दास से बातचीत के दौरान अमिताभ बच्चन ने कोलकाता के पार्क स्ट्रीट का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस समय एक ही सड़क पर कई शानदार रेस्टोरेंट हुआ करते थे, जहां लोग रात में मनोरंजन के लिए पहुंचते थे। बिग बी ने पार्क स्ट्रीट के माहौल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने दुनिया में कहीं और एक ही सड़क पर इतने बेहतरीन रेस्टोरेंट एक साथ नहीं देखे।
अमिताभ बच्चन ने यह भी बताया कि उस समय इन रेस्टोरेंट में लाइव म्यूजिक का खास चलन था। कई बेहतरीन गायक और संगीतकार वहां परफॉर्म किया करते थे। उनके मुताबिक, पार्क स्ट्रीट का यह माहौल कोलकाता की नाइटलाइफ की एक खास पहचान हुआ करता था। अमिताभ बच्चन ने पार्क स्ट्रीट के लाइव म्यूजिक से जुड़े कलाकारों को भी याद किया।
अमिताभ बच्चन ने उषा उत्थुप और लुईस बैंक्स जैसे नामों का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर के कई शानदार कलाकार बाद में हिंदी सिनेमा से भी जुड़े और संगीत की दुनिया में अपना योगदान दिया। खास तौर पर उषा उत्थुप का पार्क स्ट्रीट से गहरा रिश्ता रहा है। 1969 में कोलकाता आने के बाद उन्होंने वहीं के एक रेस्टोरेंट से अपने प्रोफेशनल सिंगिंग करियर की शुरुआत की थी। धीरे-धीरे वह शहर के लाइव म्यूजिक कल्चर की चर्चित आवाज बन गईं।
उषा उत्थुप की खास पहचान उनका पारंपरिक भारतीय अंदाज भी रहा। ऐसे दौर में जब नाइटक्लब के मंचों पर पश्चिमी संगीत का प्रभाव था, उन्होंने साड़ी, बिंदी और गजरा पहनकर मंच पर वेस्टर्न और जैज म्यूजिक पेश किया। उनका यह अंदाज दर्शकों के लिए काफी अलग और आकर्षक था। बाद में दिल्ली के एक होटल में उनकी प्रस्तुति के दौरान देव आनंद और शशि कपूर ने उनकी आवाज सुनी और उनकी तारीफ की।
देव आनंद ने उन्हें ‘हरे राम हरे कृष्णा’ में गाने का मौका दिया। इसके बाद उषा उत्थुप ने भारतीय पॉप और पार्श्व गायन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। अमिताभ बच्चन का पार्क स्ट्रीट को याद करना सिर्फ एक पुराने शहर की याद नहीं, बल्कि कोलकाता के उस दौर के संगीत, रेस्टोरेंट और नाइटलाइफ कल्चर की भी झलक देता है।