Hina Khan Struggle Story: श्रीनगर की वादियों में पली-बढ़ी एक साधारण लड़की जब अपने सपनों को पूरा करने का फैसला करती है, तो उसके सामने बंदिशों और सामाजिक चुनौतियों की एक लंबी दीवार खड़ी होती है। रूढ़िवादी सोच वाले कश्मीरी परिवार से ताल्लुक रखने वाली हिना खान के लिए एक्टिंग को अपना करियर चुनना बेहद मुश्किल फैसला था।
माता-पिता जहां पढ़ाई के लिए दिल्ली भेजने से भी कतराते थे, वहीं उन्होंने अपने हुनर और मजबूत इरादों के दम पर छोटे पर्दे से लेकर फ्रांस के फेमस कान्स फिल्म फेस्टिवल तक का एक ऐसा सफर तय किया, जो आज हर किसी को हैरान कर देता है।
कॉलेज के दिनों में दोस्तों के कहने पर एक टीवी शो का ऑडिशन देना हिना खान की लाइफ का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। कास्टिंग डायरेक्टर्स को उनकी एक्टिंग इतनी पसंद आया कि उन्हें फौरन मुख्य भूमिका के लिए चुन लिया गया।
महज 20 साल की उम्र में उन्होंने बिना अपने माता-पिता को बताए मुंबई जाने का बड़ा और साहसिक कदम उठाया। हालांकि जब इस बात का खुलासा उनके पिता के सामने हुआ तो घर में काफी नाराजगी देखने को मिली और कई रिश्तेदारों ने तो परिवार से अपने रिश्ते तक तोड़ लिए।
लंबी बातचीत और कोशिशों के बाद हिना के पिता ने एक सख्त शर्त पर उन्हें काम जारी रखने की इजाजत दी। शर्त यह थी कि उन्हें हर हाल में अपनी पढाई पूरी करनी होगी। इसके बाद उनके माता-पिता भी मुंबई आ गए, लेकिन चुनौतियां कम नहीं हुईं।
हिना रात-रात भर शूटिंग में पसीना बहाती थीं, सेट पर मिलने वाले छोटे-छोटे ब्रेक में पढ़ाई करती थीं और फिर परीक्षाएं देने के लिए दिल्ली उड़ान भरती थीं। इस कड़ी मेहनत का नतीजा यह रहा कि उनका सीरियल लगातार कई सालों तक नंबर वन बना रहा।
8 सालों तक एक ही पॉपुलर शो में अहम भूमिका निभाने के बाद हिना खान ने खुद को किसी एक दायरे में सीमित नहीं रखा। उन्होंने अपने बनाए नियमों को बदलते हुए रियलिटी शो बिग बॉस का रुख किया और दर्शकों के सामने अपनी वास्तविक छवि रखी।
इसके बाद जब उन्होंने अपने प्रेमी रॉकी जायसवाल के बारे में परिवार को बताया तो एक बार फिर पुरानी सोच आड़े आई, क्योंकि उनके खानदान में हमेशा से ही अरेंज मैरिज का चलन रहा था। हालांकि धीरज और प्यार से उन्होंने अपने माता-पिता का दिल भी जीत लिया।
छोटे पर्दे की दुनिया में अपार सफलता और मोटी कमाई को छोड़कर फिल्मों में कदम रखना हिना खान के लिए एक बड़ा जोखिम था। लेकिन इस जोखिम का फल उन्हें तब मिला जब उन्होंने फ्रांस में आयोजित कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला।
बाद में जब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बोल्ड और इंटीमेट सीन्स की मांग वाली स्क्रिप्ट आई, तो उन्होंने अपने माता-पिता को पेशेवर जरूरतों के बारे में समझाया और सहमति मिलने के बाद ही उस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाई। श्रीनगर से शुरू हुआ यह सफर आज हर उस इंसान के लिए मिसाल है जो अपने सपनों को सच करने का साहस रखता है।