Cricketer Harbhajan Singh Reaction On Satluj: पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज का विवाद थम नहीं रहा है। जहां एक ओर फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से भी हटा दिया गया है, वहीं कई बड़े सेलिब्रिटीज इस फिल्म की तारीफ करते हुए नहीं थक रहे हैं।
दिलजीत दोसांझ की ये फिल्म पूरी तरह से विवादों से घिर गई है। पहले इस फिल्म का नाम पंजाब 95 रखा गया था, लेकिन बाद में ये नाम बदलकर सतलुज रख दिया गया था। हालांकि नाम बदलने के बाद भी इस फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। इस एक्शन ने सभी को चौंका दिया है।
बताया जाता है कि ये फिल्म 3 जुलाई को बिना किसी शोर के जी5 ऐप पर स्ट्रीम हो रही थी। लेकिन बाद में महज 48 घंटों के अंदर ही फिल्म को ओटीटी से भी हटा दिया गया। जी5 ने जानकारी देते हुए बताया है कि अगले आदेश तक इसे भारत में नहीं दिखाया जाएगा।
दिलजीत की ये फिल्म पहले से ही विवादों से घिरी हुई थी। सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को हरी झंडी नहीं दी थी। सेंसर बोर्ड द्वारा इसमें कई सारे कट्स की डिमांड की गई थी। लेकिन मेकर्स ने सेंसर बोर्ड के आदेश को नजरअंदाज करते हुए सीधा ओटीटी पर रिलीज कर दिया था।
ओटीटी से हटाए जाने के पहले ही कई लोग ये फिल्म देख चुके थे, जिसमें पूर्व भारतीय क्रिकेटर और भाजपा के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह भी शामिल थे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फिल्म को लेकर अपना रिव्यू भी साझा किया।
हरभजन सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि जलियांवाला बाग इतिहास के सबसे बड़े हत्याकांडों में से एक है। इसे एक कॉलोनियल शासन ने अंजाम दिया था। लेकिन जसवंत सिंह खालरा को देखने के बाद जो सवाल मुझे परेशान करता है, वह अलग है।
https://twitter.com/harbhajan_singh/status/2073636463112225098
किसी बाहरी व्यक्ति के ज़ुल्म से ज़्यादा दर्दनाक क्या हो सकता है? जब अपने ही लोगों की रक्षा करने वालों पर उनके सबसे बड़े डर का कारण बनने का आरोप लगाया जाता है। एक पुलिस अधिकारी का कर्तव्य बेगुनाह लोगों की रक्षा करना है - सत्ता का दुरुपयोग करना नहीं। खालरा की हिम्मत ने कथित गैर-कानूनी गायबियों और गुप्त अंतिम संस्कार के सबूतों को उजागर किया, जिससे हमें याद दिलाया गया कि सरकारी सत्ता का दुरुपयोग ऐसे घाव छोड़ सकता है जो पीढ़ियों तक रहते हैं। पंजाब की माताएँ अभी भी जवाबों का इंतज़ार कर रही हैं। कई परिवार अभी भी न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं। सच हमेशा के लिए दफन नहीं रह सकता। इसके साथ ही हरभजन सिंह ने एक्टर दिलजीत दोसांझ और डायरेक्टर हनी त्रेहान की भी तारीफ की।
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फिल्म सतलुज के ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटने के बाद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने भी फिल्म को हटाए जाने को निराशाजनक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसको लेकर अपना रिएक्शन भी साझा किया।
https://twitter.com/officeofssbadal/status/2073801646459830475
इन सभी विवादों के बीच फिल्म के मेन लीड दिलजीत दोसांझ अपनी फिल्म सतलुज के ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटने से काफी आहात नजर आ रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर फिल्म का एक सीन शेयर करते हुए लिखा कि वो अंधेरे को चुनौती देते हैं। उन्हें इस मुश्किल समय में अपने फैंस का भरपूर सहयोग मिला है।