"गुलशन कुमार हत्याकांड का मास्टरमाइंड था नदीम": पब्लिक प्रॉसिक्यूटर उज्ज्वल निकम का सनसनीखेज खुलासा, बताई हत्या की वजह 
मनोरंजन

गुलशन कुमार हत्याकांड में नदीम था मास्टर माइंड, वकील का सनसनीखेज खुलासा

Gulshan Kumar Murder Case: गुलशन कुमार हत्याकांड पर पब्लिक प्रॉसिक्यूटर उज्ज्वल निकम ने सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने संगीतकार नदीम सैफी को हत्या की साजिश का 'मास्टरमाइंड' बताया।

अनिल सिंह

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Gulshan Kumar Nadeem Saifi: साल 1997 में हुए टी-सीरीज़ के संस्थापक गुलशन कुमार हत्याकांड (Gulshan Kumar Murder Case) के मामले में एक बार फिर सनसनीखेज खुलासा हुआ है। प्रमुख पब्लिक प्रॉसिक्यूटर उज्ज्वल निकम ने एक हालिया इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि संगीतकार नदीम सैफी (Nadeem Saifi) ही इस पूरी साजिश का 'मास्टरमाइंड' था। निकम ने यह भी संकेत दिया कि हत्या की वजह संगीत से जुड़ी प्रतिद्वंद्विता हो सकती है।

उज्ज्वल निकम, जिन्होंने इस केस में अभियोजन पक्ष को असिस्ट किया था, से जब पूछा गया कि क्या गुलशन कुमार की हत्या के पीछे नदीम सैफी का हाथ था, तो उन्होंने जवाब दिया, "हाँ, वह था। इसलिए वह वापस नहीं आ रहा है। वह ट्रायल का सामना क्यों नहीं कर रहा है?"

दुबई में रची गई थी साजिश

जांच के दौरान संगीतकार जोड़ी 'नदीम-श्रवण' के नदीम सैफी का नाम मुख्य संदिग्ध के रूप में सामने आया था। पुलिस का मानना था कि नदीम ने ही गैंगस्टर अबू सलेम के ज़रिए गुलशन कुमार की हत्या की सुपारी दी थी। निकम ने इस बात पर ज़ोर देते हुए कहा, "पुलिस मानती है कि यह नदीम था। उसने साज़िश रची थी। पुलिस मानती है कि हत्या की साजिश नदीम के कहने पर हुई थी और यह साज़िश दुबई में रची गई थी।"

गायकों की प्रतिद्वंद्विता था कारण?

गुलशन कुमार की हत्या के पीछे की वजह पर बात करते हुए उज्ज्वल निकम ने संगीत से जुड़ी प्रतिद्वंद्विता की ओर इशारा किया। निकम ने कहा, "अनुराधा पौडवाल उनकी (गुलशन कुमार की) सिंगर थी, अलका याग्निक उनकी (नदीम-श्रवण की) सिंगर थी। बस।" निकम ने संकेत दिया कि दोनों म्यूजिक हाउस से जुड़े गायकों के बीच की व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता इस जघन्य अपराध का एक कारण हो सकती है।

नदीम लगातार दे रहे हैं सफाई

गुलशन कुमार की हत्या के तुरंत बाद नदीम सैफी देश छोड़कर लंदन भाग गए थे और उन्होंने लगातार खुद को निर्दोष बताया है। पिछले इंटरव्यू में भी उन्होंने कहा था कि उनके और गुलशन कुमार के बीच भाई जैसा रिश्ता था और उनका नाम गलतफहमी के कारण उछाला गया। हालांकि, निकम का कहना है कि अगर वह निर्दोष हैं तो उन्हें भारत आकर ट्रायल का सामना करना चाहिए, जिस पर नदीम ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। गुलशन कुमार की हत्या 12 अगस्त 1997 को मुंबई के जुहू इलाके में एक शिव मंदिर के बाहर गोली मारकर कर दी गई थी, जिसकी सुनवाई आज भी जारी है।

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