Dhanush Politics Entry News: थलापति विजय द्वारा हाल ही में राजनीतिक पारी की शुरुआत करने के बाद अब तमिल फिल्म इंडस्ट्री से एक और बड़े सितारे के सियासी सफर को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। फेमस एक्टर और डायरेक्टर धनुष के हाल ही के भाषण ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है। अपने फैंस के एक कार्यक्रम में धनुष ने जिस तरह से एकजुटता और समाज सेवा पर जोर दिया, उसके बाद से ही यह सवाल उठने लगा है कि क्या वह भी जल्द ही चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
हाल ही में विशाल जनता को संबोधित करते हुए एक्टर धनुष ने कहा कि जब इतने सारे लोग एक स्थान पर इकठ्ठे होते हैं तो उस एकजुटता में एक बहुत बड़ी ताकत होती है। उन्होंने अपने समर्थकों से आग्रह किया कि इस शक्ति को केवल फिल्मों के ऑडियो लॉन्च या आपसी मुलाकातों तक सीमित न रखें। उन्होंने फैंस से अपील की कि वे अपने आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की जरूरतों को समझें और उनकी हर संभव सहायता करें, ताकि उन्हें अपने फैंस पर और अधिक गर्व महसूस हो सके।
धनुष का यह भाषण सामने आते ही सोशल मीडिया पर नेटिजन्स और फैंस इसके राजनीतिक मायने तलाशने शुरू कर दिए। कई विश्लेषकों का मानना है कि दक्षिण भारत में एक्टर्स का सामाजिक कार्यों से जुड़ना अक्सर राजनीति में प्रवेश का पहला कदम होता है।
हाल ही में थलापति विजय ने भी अपनी पार्टी लॉन्च करने से पहले सालों तक अपने फैन क्लबों के जरिए व्यापक कल्याणकारी योजनाएं चलाई थीं। इसी समानता को देखते हुए फैंस कयास लगा रहे हैं कि धनुष भी उसी मार्ग का अनुसरण करते हुए जल्द ही अपनी नई राजनीतिक पारी का ऐलान कर सकते हैं।
धनुष का वीडियो सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया पर रिएक्शन की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने लिखा कि राजनीति में आने वालों की कतार अब लंबी होती जा रही है और हर कोई विजय के नक्शेकदम पर चलने की सोच रहा है।
वहीं दूसरी ओर धनुष के समर्थकों का कहना है कि तमिलनाडु को पढ़े-लिखे, अनुशासित और साहसी नेताओं की जरूरत है, जो केवल सत्ता के भूखे न हों।
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उसी कार्यक्रम के दौरान धनुष ने हाल ही में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार को लेकर चल रहे विवाद पर भी खुलकर अपनी बात रखी। अपनी निर्देशित फिल्म रायन को मिले राष्ट्रीय सम्मान की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि उस वर्ष निश्चित रूप से कुछ अन्य बेहतरीन फिल्में भी मौजूद थीं।
हालांकि धनुष ने दर्शकों से आग्रह किया कि व्यक्तिगत आलोचनाओं से परे हटकर इस बात का जश्न मनाना चाहिए कि तमिल सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर 2 पुरस्कार मिले हैं। उन्होंने इसे पूरी इंडस्ट्री की उपलब्धि करार दिया और विवाद को शांत करने की कोशिश की।