

Yami Gautam Best Actress: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की ऑफिशियली अनाउंसमेंट में जैसे ही यामी गौतम का नाम सर्वश्रेष्ठ एक्ट्रेस के रूप में गूंजा, उनका बरसों पुराना सपना हकीकत में बदल गया। अपनी बेहतरीन एक्ट्रेस से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाली यामी को यह प्रतिष्ठित सम्मान उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'आर्टिकल 370' के लिए दिया गया है।
इस ऐतिहासिक कामयाबी के फौरन बाद यामी गौतम के अंदर का गुबार फूट पड़ा और उन्होंने एक बेहद भावुक कर देने वाला पोस्ट लिखकर अपनी खुशियों को फैंस के साथ शेयर किया। यामी गौतम ने साफ तौर पर कहा कि 'उनके लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार का मिलना सिर्फ एक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उनके 14 साल के लंबे फिल्मी सफर की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने बताया कि यह सम्मान कोई ऐसा नाम नहीं है जिसे वो बस अपनी फिल्मों की सूची में जोड़ लें, बल्कि यह उनके काम के प्रति अटूट विश्वास और समर्पण की जीत है।'
यामी गौतम ने अपनी पोस्ट में बहुत ही संजीदगी के साथ लिखा कि 'हर कलाकार के सफर में एक ऐसा मोड़ जरूर आता है, जो उसे याद दिलाता है कि तमाम मुश्किलों के बाद भी उसने कभी हार क्यों नहीं मानी। आज उनके जीवन में वही खास पल आ चुका है।
यामी के मुताबिक पिछले 14 सालों में उन्होंने सिर्फ और सिर्फ अपने काम के प्रति ईमानदार रहने की पुरजोर कोशिश की है। उन्होंने हमेशा अपनी परफॉर्मेंस को ही अपनी आवाज बनने दिया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उनकी उसी उम्मीद, लगन और सिनेमा के प्रति अटूट प्रेम का सबसे खूबसूरत परिणाम है, जिसे उन्होंने बरसों से अपने दिल में संजोकर रखा था।
'आर्टिकल 370' यामी गौतम के लिए सिर्फ एक सामान्य सिनेमाई प्रोजेक्ट नहीं था, बल्कि यह उनके दिल के बेहद करीब था। चूंकि यह फिल्म उनके होम प्रोडक्शन के तहत बनी थी, इसलिए इसके साथ उनका एक बहुत ही गहरा व्यक्तिगत और भावनात्मक जुड़ाव था।
यामी ने बताया कि फिल्म के सेट पर होने वाली हर एक चर्चा और हर एक शॉट के पीछे सिर्फ एक ही मकसद था कि इस जरूरी कहानी को पूरी प्रामाणिकता के साथ दुनिया के सामने लाया जाए। इस बड़ी कामयाबी पर उन्होंने नेशनल अवॉर्ड की सम्मानित जूरी का दिल से आभार व्यक्त किया और साथ ही निर्देशक, पूरी स्टारकास्ट और दर्शकों को धन्यवाद दिया जिन्होंने कहानी पर भरोसा जताया।
अपने पोस्ट के आखिरी हिस्से में यामी गौतम ने उन सभी लोगों को याद किया जो हर उतार-चढ़ाव में उनके साथ चट्टान की तरह खड़े रहे। उन्होंने अपने परिवार और शुभचिंतकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि जब मंजिल बहुत धुंधली और दूर नजर आ रही थी, तब इन लोगों ने ही उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया।
यामी गौतम का मानना है कि यह नेशनल अवॉर्ड किसी सफर का अंत नहीं है, बल्कि यह उनके कंधों पर एक बहुत ही बड़ी जिम्मेदारी की नई शुरुआत है। यह सम्मान उन्हें भविष्य में और ज्यादा जोखिम उठाने तथा समाज के लिए मायने रखने वाली सार्थक कहानियां पर्दे पर लाने के लिए प्रेरित करता रहेगा।