Chunky Panday Unknown Facts: सिनेमा में अपनी कॉमिक टाइमिंग और शानदार एक्टिंग से दर्शकों को हंसाने वाले चंकी पांडे आज अपना 64वां जन्मदिन मना रहे हैं। 26 सितंबर 1962 को मुंबई में जन्मे इस एक्टर का फिल्मी सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा है। एक समय पर असफलता झेलने वाले चंकी ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे और आखिर में उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई।
बहुत कम लोग जानते हैं कि चंकी पांडे का असली नाम सुयश पांडे है। बचपन में बेहद गोल-मटोल होने के चलते उनकी देखभाल करने वाली नैनी उन्हें प्यार से 'चंकी' कहकर बुलाती थीं। धीरे-धीरे यह नाम उनके घर और दोस्तों के बीच इतना फेमस हो गया कि उनका असली नाम पीछे छूट गया। फिल्मों में आने के बाद भी उन्होंने इसी नाम को अपनी पहचान बनाने का फैसला किया।
चंकी पांडे का परिवार डॉक्टर बैकग्राउंड का था। उनके माता-पिता चाहते थे कि वह भी पढ़ाई लिखकर डॉक्टर बनें। हालांकि 10वीं क्लास में बार-बार फेल होने की वजह से उनका ध्यान पढ़ाई से हट गया और उन्होंने एक्टिंग का रास्ता चुन लिया। उन्होंने एक्टिंग स्कूल में ट्रेनिंग ली और वहां इंस्ट्रक्टर के तौर पर काम भी किया। इसी दौरान उन्होंने अक्षय कुमार जैसे स्टार्स को शुरुआती डांस मूव्स और डायलॉग डिलीवरी सिखाई थी।
करियर के शुरुआती दिनों में चंकी पांडे को काफी रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। उनकी पहली फिल्म 'आग ही आग' मिलने की कहानी बेहद अजीब है। एक शादी के दौरान चंकी अपने पायजामे का नाड़ा नहीं खोल पा रहे थे और टॉयलेट में मदद मांग रहे थे। वहां फेमस प्रोड्यूसर पहलाज निहलानी मौजूद थे, जिन्होंने उनकी मदद की। इसी मुलाकात के बाद दोनों में बातचीत शुरू हुई और निहलानी ने उन्हें अपनी फिल्म में काम दे दिया।
अनिल कपूर की फिल्म 'तेजाब' से चंकी पांडे को काफी पॉपुलेरिटी मिली। लेकिन 90 के दशक में शाहरुख, सलमान खान और आमिर खान जैसे बड़े सितारों के आने से उन्हें मुख्य किरदार मिलना बंद हो गए। इसके बाद उन्होंने बांग्लादेशी सिनेमा का रुख किया।
वहां उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया और रातोंरात वहां के सबसे बड़े सुपरस्टार बन गए। बाद में भारत लौटकर उन्होंने हाउसफुल सीरीज में 'आखिरी पास्ता' के किरदार से दोबारा बॉलीवुड में वापसी की।