फोटो- IANS 
विधानसभा चुनाव 2026

विधानसभा चुनाव 2026: असम से केरल तक वोटरों का भारी उत्साह, क्या शुरुआती रुझान बदल देंगे सत्ता का समीकरण?

Assembly Elections Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में लोकतंत्र के महापर्व की शुरुआत हो चुकी है। सुबह 9 बजे तक असम में सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया, जबकि केरल में रफ्तार थोड़ी धीमी रही।

प्रतीक पाण्डेय

Assembly Elections 2026 Voting Percentage: असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए सुबह 7 बजे से ही मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सुबह-सुबह मतदान केंद्रों के बाहर लगी लंबी कतारें यह साफ संदेश दे रही हैं कि लोग अपने मताधिकार के लिए सजग हैं।

मतदान के शुरुआती घंटों के आंकड़े बताते हैं कि असम और पुडुचेरी के मुकाबले केरल के मतदाता पूरे दिन बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले हैं। सुबह 9 बजे तक हुए मतदान प्रतिशत की बात करें तो असम में सबसे अधिक मतदान प्रतिशत देखा गया।

असम में मतदान का क्या हाल है?

असम में सुबह 9 बजे तक 17.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। यहां की 126 सीटों पर हो रहा यह चुनाव कई मायनों में अलग है। सबसे खास बात यह है कि साल 2023 में हुए परिसीमन के बाद यह राज्य का पहला चुनाव है। ऐसे में भौगोलिक और राजनीतिक समीकरणों में आए बदलावों का सीधा असर आम आदमी की जिंदगी पर पड़ना तय है। माजुली जिले में सबसे अधिक 20.03 प्रतिशत वोटिंग हुई है, जबकि कामरूप जिले में सबसे कम 15.36 प्रतिशत वोट पड़े हैं। भाजपा जहां अपनी सत्ता को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है, वहीं कांग्रेस की नजरें सत्ता में वापसी पर टिकी हैं। असम के लगभग 25.05 मिलियन मतदाता आज 722 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला कर रहे हैं, जिनमें 59 महिलाएं भी शामिल हैं। राज्य भर में बनाए गए 31,490 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि हर नागरिक बिना किसी डर के अपना वोट डाल सके।

केरल में तीन गठबंधनों के बीच कांटे की टक्कर

दक्षिण भारत के राज्य केरल में चुनाव की बात करें, तो यहां सुबह 9 बजे तक 16.23 प्रतिशत मतदान हुआ है। हालांकि यह आंकड़ा असम और पुडुचेरी से थोड़ा कम है, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा, इसके बढ़ने की पूरी संभावना है। केरल के एर्नाकुलम जिले में सुबह के समय सबसे अधिक 17.80 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि कासरगोड में यह आंकड़ा 15.08 प्रतिशत रहा। केरल की 140 सीटों पर मुकाबला काफी दिलचस्प है क्योंकि यहां एलडीएफ, यूडीएफ और एनडीए के बीच त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिल रहा है। वामपंथी गठबंधन (एलडीएफ) लगातार पांचवीं बार सत्ता में आने का ऐतिहासिक लक्ष्य लेकर चल रहा है, लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ और भाजपा नीत एनडीए ने उनकी राह मुश्किल कर दी है। केरल के 27 मिलियन मतदाताओं के लिए यह चुनाव केवल सरकार चुनना नहीं, बल्कि अपनी विकास योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा की निरंतरता तय करना है।

पुडुचेरी के छोटे से रण में पहली बार के वोटर्स का जोश हाई

केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी लोकतंत्र की गूंज सुनाई दे रही है। यहां सुबह 9 बजे तक 17.41 प्रतिशत मतदान हो चुका है। पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यानम जैसे चार अलग-अलग क्षेत्रों से मिलकर बने इस प्रदेश में कुल 9.50 लाख से ज्यादा वोटर हैं। खास बात यह है कि इस बार 24,919 युवा मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।

युवाओं की यह भागीदारी बताती है कि नई पीढ़ी अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी को लेकर कितनी गंभीर है। वर्तमान में यहां 'ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस' (AINRC) के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में है, जिसे भाजपा का समर्थन प्राप्त है। 30 सीटों वाली इस विधानसभा के लिए 294 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

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