उफान पर दिल्ली में यमुना नदी, फोटो ( सो. सोशल मीडिया ) 
दिल्ली

हिमाचल-हरियाणा ने छोड़ा पानी, उफान पर यमुना... राजधानी के लिए प्रशासन ने जारी किया चेतावनी

Delhi Yamuna River: लगातार हो रही भारी बारिश और हिमाचल प्रदेश व हरियाणा से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और गुरुवार को यह खतरे के स्तर को पार कर गया।

अमन उपाध्याय

Delhi Yamuna River Danger level:  दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और गुरुवार को यह खतरे के स्तर को पार कर गया। पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर 205.46 मीटर दर्ज किया गया, जबकि बुधवार को यह 204.58 मीटर था। महज दो दिनों में पानी के स्तर में आई तेजी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पुराने रेलवे पुल पर यमुना का जलस्तर बढ़कर 205.46 मीटर दर्ज किया गया, जबकि बुधवार को यह 204.58 मीटर था। पानी की इस तेज़ बढ़ोतरी ने दिल्ली सरकार और आपदा प्रबंधन टीम को सतर्क कर दिया है।

लगातार हो रही भारी बारिश और हिमाचल प्रदेश व हरियाणा से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण नदी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने और राहत-बचाव कार्यों की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

निचले क्षेत्रों के लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण प्रशासन ने बाढ़ की चेतावनी जारी की है। केंद्रीय जल आयोग ने स्थिति को गंभीर मानते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। यमुना के पास बसे निचले क्षेत्रों के लोगों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

प्रशासन लगातार बनाए हुए है नजर

बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर प्रशासन सतर्क हो गया है। नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को सावधान रहने और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की सलाह दी जा रही है। यमुना नदी के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर रखे हुए है। सरकार और संबंधित अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर पर निरंतर निगरानी जारी है और जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिए जाएंगे।

जानकारी के लिए बता दें कि राजधानी दिल्ली में यमुना का चेतावनी स्तर 204.5 मीटर, खतरे का स्तर 205.3 मीटर है और 206 मीटर पर पानी की निकासी शुरू कर दी जाती है। ऐसी स्थिति में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी शुरू हो जाती है। यमुना के जल प्रवाह और बाढ़ के जोखिम को मापने में ओल्ड रेलवे ब्रिज एक अहम केंद्र का काम करता है।

(एजेंसी इनपुट के साथ) 

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