तुर्कमान गेट पर 'बुलडोजर एक्शन' के बाद अब कैसी है स्थिति, फोटो- सोशल मीडिया 
दिल्ली

36000 वर्ग फुट एरिया-30 बुलडोजर और भारी फोर्स, ध्वस्तीकरण के बाद कैसे हैं तुर्कमान गेट के पास हालात?

MCD Bulldozer Action: तुर्कमान गेट पर भारी सुरक्षा लगाई गई है। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। पुलिस CCTV से पत्थरबाजों की पहचान कर रही है। मलबे की साफ-सफाई जारी है। जानें अब वहां के हालात कैसे हैं।

प्रतीक पाण्डेय

Turkman Gate Current Situation: पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बुधवार को हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में हैं। आधी रात को हुए भारी पथराव और बुलडोजर कार्रवाई के बाद, पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया है। पुलिस ने अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज कर 10 लोगों को हिरासत में लिया है।

पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बुधवार सुबह से ही भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। मंगलवार की आधी रात को शुरू हुई बुलडोजर कार्रवाई और उसके बाद भड़की हिंसा के बाद प्रशासन किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मधुर वर्मा के अनुसार, स्थिति को तुरंत काबू में कर लिया गया था और फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र को 9 अलग-अलग जोन में बांट दिया गया है, जिसकी निगरानी डीएसपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं।

CCTV फुटेज से पत्थरबाजों की तलाश

कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम पर हुए हमले को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस के पास पथराव और उपद्रवियों के 100 से ज्यादा वीडियो और बॉडी कैमरा फुटेज मौजूद हैं, जिनकी मदद से दोषियों की पहचान की जा रही है। अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस पत्थरबाजी में 6 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को चोटें आई थीं, जिन्हें तत्काल उपचार दिया गया।

ध्वस्तीकरण के बाद फैला हुआ मलबा, फोटो- सोशल मीडिया

सड़कों पर मलबे का ढेर: 4 दिनों तक चलेगी सफाई

रातभर चले 30 से ज्यादा बुलडोजरों की कार्रवाई के बाद मौके पर तबाही का मंजर साफ नजर आ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 200 ट्रक से ज्यादा मलबा एकत्रित हो चुका है। इस मलबे को हटाने में कम से कम 4 दिनों का समय लगेगा। एमसीडी (MCD) ने अब तक लगभग 36,000 वर्ग फुट से ज्यादा कब्जा खाली करा लिया है, जिसमें बारात घर, डिस्पेंसरी और दुकानें शामिल थीं। हालांकि, अभी भी लगभग 20 प्रतिशत अतिक्रमण बचा हुआ है, जिसे जल्द ही हटाया जाएगा।

क्या है विवाद की जड़?

यह पूरी कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के 12 नवंबर 2025 के आदेश के तहत की गई है। कोर्ट ने रामलीला मैदान के पास अतिक्रमण हटाने के लिए तीन महीने का समय दिया था। हालांकि, मस्जिद कमेटी का दावा है कि यह वक्फ बोर्ड की अधिसूचित संपत्ति है और वे इसका किराया दे रहे हैं। मस्जिद कमेटी ने इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती भी दी थी, जिस पर नोटिस जारी हुआ था, लेकिन इसके बावजूद डिमोलिशन ड्राइव को अंजाम दिया गया। अब इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई है और सफाई अभियान पूरा होने के बाद जमीन को पूरी तरह एमसीडी के कब्जे में ले लिया जाएगा।

इस्लाम में बुर्का नहीं, पर्दा जरूरी! इलाहाबाद हाईकोर्ट के हिजाब फैसले पर प्यारे खान का बड़ा बयान

अखिलेश के दावे इमरान मसूद का जवाब, बोले- राहुल गांधी और BJP के बीच असली लड़ाई, बाकी सब सहयोगी

जापान दौरे पर पीयूष गोयल का मेगा निवेश मिशन, टोयोटा-SMBC समेत दिग्गज कंपनियों से भारत में निवेश पर बड़ी चर्चा

Explainer: जिनपिंग के भारत आने पर क्यों छाया सस्पेंस? पहले भी दे चुके हैं धोखा, इस बार क्या है बीजिंग का इरादा

JPSC भर्ती घोटाले का सबसे बड़ा खुलासा! 12 लाख में बिकती थीं CDPO सीटें, CID के सामने अभय तिवारी का कबूलनामा