दिल्ली में AQI 324 पहुंचने के बाद GRAP का दूसरा चरण लागू किया गया
DMRC सप्ताह के दिनों में 20 अतिरिक्त मेट्रो फेरे लगाएगी
ट्रैफिक पुलिस वाहनों के PUC प्रमाणपत्रों की जांच और सख्त करेगी
Delhi Metro Run 20 Extra Trip on Weekday: दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने बड़ा ऐलान किया है। DMRC ने सोमवार को घोषणा की कि नेशनल कैपिटल रीजन में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-2 लागू होने के बाद अब मेट्रो सप्ताह के दिनों में 20 अतिरिक्त फेरे लगाएगी। इस पहल का उद्देश्य लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
DMRC ने कहा कि अतिरिक्त मेट्रो सेवाओं से उसके नेटवर्क पर कुल 40 फेरे बढ़ जाएंगे। इससे यात्रियों को सफर के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे और निजी गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।
दिल्ली की हवा इस सीजन में पहली बार 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंचने के बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने सोमवार को पूरे राजधानी क्षेत्र में GRAP के दूसरे चरण को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया।
2 नवंबर को शाम 4 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 324 दर्ज किया गया। CAQM के मुताबिक, मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण आने वाले दिनों में भी वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी रह सकती है। ऐसे में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की जरूरत है।
प्रदूषण कम करने के लिए व्यस्त सड़कों और प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा वाहनों के वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्रों की जांच तेज की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने और स्पष्ट रूप से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों से जुड़े नियमों को भी सख्ती से लागू किया जाएगा। इन उपायों का मकसद सड़कों पर प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करना है।
CAQM की GRAP सब-कमेटी ने सोमवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता की समीक्षा की। इस दौरान सामने आया कि 31 अक्टूबर को दिल्ली का AQI 117 था, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है। इसके बाद 1 नवंबर को यह बढ़कर 261 पर पहुंच गया और हवा 'खराब' श्रेणी में दर्ज की गई।
वहीं, 2 नवंबर को AQI 324 तक पहुंचने के साथ दिल्ली की हवा 'बहुत खराब' श्रेणी में आ गई। लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण के उपाय तेज कर दिए गए हैं।