

दिल्ली-एनसीआर की हवा हुई जहरीली
AQI पहुंचा 324 लागू हुआ GRAP-2
GRAP-2 लागू होने पर क्या क्या होती हैं पाबंदियां
Delhi-NCR Air Turns Toxic, AQI Reaches 324 GRAP-2 Implemented: हर बार दीपावली के बाद दिल्ली-एनसीआर की हवा जहरीली होती थी लेकिन इस बार तो पहले ही वायु की गुणवत्ता का स्तर बिगड़ गया है। सोमवार, 2 नवंबर 2026 को दिल्ली की हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के दूसरे चरण यानी GRAP-2 को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
इस सीजन में पहली बार दिल्ली-एनसीआर की हवा इस श्रेणी में पहुंची है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार शाम 4 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 324 दर्ज किया गया।
अमूमन हर बार हरियाणा-पंजाब में पराली जलाने और दीपावली के बाद मौसम का तापमान गिरने पर दिल्ली-एनसीआर में हवा का स्तर खराब होता था। अनूमान से पहले हवा का स्तर खराब होने से आम जनता को मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है।
तेजी से बिगड़ी हवा की गुणवत्ता
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों के दौरान वायु गुणवत्ता में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। 31 अक्टूबर को दिल्ली का AQI 117 था, जो मध्यम श्रेणी में आता है। इसके बाद 1 नवंबर को यह बढ़कर 261 पहुंच गया और खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। वहीं, 2 नवंबर को AQI में और उछाल आया और यह 324 तक पहुंच गया। CAQM ने हवा की गुणवत्ता में आई इस गिरावट के पीछे प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों को प्रमुख वजह बताया है।
आयोग के मुताबिक, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के पूर्वानुमान में आने वाले दिनों में भी दिल्ली की हवा बेहद खराब श्रेणी में बने रहने की आशंका जताई गई है। इसी को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को और सख्त किया गया है।
GRAP-2 लागू होने पर क्या-क्या होंगे बदलाव?
GRAP-2 लागू होने के बाद दिल्ली-NCR में प्रदूषण कम करने के लिए कई अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। इसके तहत प्रमुख सड़कों और यातायात वाले इलाकों में नियमित रूप से मैकेनिकल और वैक्यूम स्वीपिंग की जाएगी। सड़कों पर धूल को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव और एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल और कचरे पर भी निगरानी सख्त होगी।
इसके अलावा कूड़ा खुले में जलाने पर रोक को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। ट्रैफिक जाम वाले स्थानों पर यातायात पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाएगी, ताकि वाहनों से निकलने वाले धुएं और ईंधन की खपत को कम किया जा सके। प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) की जांच भी तेज होगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली-एनसीआर में वायु की गुणवत्ता खराब होती है तो लोगों को मेट्रो व अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपयोग करने का सलाह दिया जाता है। साथ ही रेड सिग्नल पर रुकते समय गाड़ी का इंजन बंद करने का सलाह रहता है। धुआ देने वाले गाड़ियों पर कड़ी कार्रवाई की जाती है। सरकार का प्रयास रहता है कि कम से कम प्रदूषण हो।
दिल्ली-एनसीआर में वायु की गुणवत्ता खराब होती है तो बच्चों और बुजुर्गों को घर से कम निकलने की सलाह दी जाती है। बहुत आवश्यक न हो तो सभी उम्र के लोगों को घर में रहने की सलाह दी जाती है। ऑफिस के कार्य को अधिकतर वर्कफ्राम होम के रूप में करने का प्रयास दिया है।