Government Talks on Jantar Mantar Protest: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े छात्रों का आंदोलन अब एक अहम मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। इस आंदोलन को लीड कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के साथ बातचीत को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। पिछले दो महीने से जंतर-मंतर पर चल रहे इस व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दो टूक कह दिया है कि अगर सरकार को बात करना है, तो पहल उसे ही करनी होगी। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुए हंगामे के दो दिन बाद दीपके का ये बयान सामने आया है, जिसमें हजारों छात्रों ने हिस्सा लिया था।
सीजेपी नेता अभिजीत दिपके ने बातचीत को लेकर कहा कि अगर सरकार बात करना चाहती है, तो उसे यहां यानी जंतर-मंतर आना होगा। उनको हमारी शर्तें माननी होंगी। दीपके ने आगे कहा कि सरकार को अपना अहंकार छोड़ना चाहिए। सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी साफ किया कि वो सरकार के पास नहीं जाएंगे।
आशुतोष ने साफ कहा कि सरकार के साथ बातचीत किसी 'न्यूट्रल वेन्यू' पर या फिर जंतर-मंतर पर ही की जा सकती है। हम शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की अपनी मांग से पीछे नहीं हटने वाले हैं। वहीं कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने सरकार के साथ बात को लेकर कहा है कि जे.पी. नड्डा ने हमें आज एक बार फिर बातचीत के लिए बुलाया। लेकिन हमने उनसे कह दिया है कि हम आपके ऑफिस या घर पर नहीं आएंगे। सौरव दास ने कहा कि उन्होंने हमें चार घंटे इंतजार करवाया और हमारा समय भी बहुत कीमती है।
CJP ने कहा कि हमने अपनी तरफ से उनसे कहा है कि उनको जंतर-मंतर आना चाहिए, लोगों के बीच आना चाहिए और अपनी बात यहीं रखनी चाहिए। अगर वो सच में हमारी मांगें मानने का इरादा रखते हैं, तभी वे हमको बुला सकते हैं।
वहीं, इस मामले पर सरकार ने बातचीत की गेंद प्रदर्शनकारियों के पाले में डाल दी है। मीडिया रिपोर्ट्स में सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया कि अगर प्रदर्शनकारी बातचीत के लिए आते हैं, तो हम तैयार हैं। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से जारी खींचतान के बीच आज प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ दूसरे दौर की बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है।
CJP के नेता अभिजीत दीपके ने सरकार की नीयत पर कड़े सवाल उठाए हैं। दीपके का कहना है कि एक तरफ सरकार सीजेपी से बातचीत का दिखावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई भी की जा रही है। जंतर-मंतर परम मौजूद प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दिपके ने कई गंभीर आरोप लगाए। दीपके का कहना है कि सरकार ने उनका समय बर्बाद किया। प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया गया लेकिन उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए थे।
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अभिजीत ने दावा किया कि CJP प्रतिनिधि आशुतोष रांका और सौरव दास को एक तरह से भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर 5 घंटे तक 'हाउस अरेस्ट' रखा गया था।दीपके ने कहा, उनकी पूरी योजना हमारी टीम को तितर-बितर करने की थी ताकि हंगामे के वक्त वहां कोई मौजूद न रहे। उनका कहना है कि आप एक तरफ बातचीत के लिए बुलाते हैं और दूसरी तरफ छात्रों को लाठियों से पीटते हैं।